एआईएडीएमके छोड़कर डीएमके में शामिल 3 बार के पूर्व सीएम पन्नीरसेल्वम, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति हलचल, NDA को बड़ा झटका, बोडी मेट्टू निर्वाचन क्षेत्र से लड़ेंगे
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 27, 2026 16:43 IST2026-02-27T16:19:50+5:302026-02-27T16:43:03+5:30
आगामी चुनावों में ओपीएस को उनके गृह क्षेत्र थेनी के बोडी मेट्टू निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

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चेन्नईः तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) शुक्रवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) में शामिल हो गए। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीति बदलाव है और एनडीए को बड़ा झटका लगा है। हाल ही में एआईएडीएमके और भाजपा ने गठबंधन किया है। राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। दिवंगत एआईएडीएमके सुप्रीमो जे जयललिता के लंबे समय से वफादार रहे ओपीएस को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से डीएमके में शामिल किया। सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों में ओपीएस को उनके गृह क्षेत्र थेनी के बोडी मेट्टू निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। राजनीति में अजीबोगरीब गठबंधन हो जाते हैं।
फिर भी तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने जयललिता के वफादार होने की पहचान छोड़कर सत्ताधारी डीएमके में शामिल हो गए। जयललिता अपने जीवनकाल में घृणा करती थीं। गुरुवार सुबह इस घटना ने सभी को चौंका दिया। ओपीएस का दल-बदल अप्रत्याशित नहीं था।
यह घटनाक्रम अप्रत्याशित नहीं था। ओपीएस कई बार इस दल से उस दल में जा चुके हैं।ओपीएस का डीएमके में प्रवेश तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एआईएडीएमके के किसी पूर्व मुख्यमंत्री का उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल में शामिल होने का पहला उदाहरण है। यह कदम डीएमके और 75 वर्षीय चाय की दुकान के मालिक से राजनेता बने ओ पन्नीरसेल्वम, जो हाल के वर्षों में तेजी से अलग-थलग पड़ गए थे।