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बंगाल में नहीं लागू होगा NRC, अगर भगवा पार्टी के लोग छूने का प्रयास करते हैं तो उन्हें पहले ममता बनर्जी से पार पाना होगा: मुख्यमंत्री

By भाषा | Updated: September 21, 2019 05:31 IST

ममता ने कहा, ‘‘जो लोग कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू किया जाएगा, वे केवल लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

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ठळक मुद्देममता बनर्जी ने कहा कि एनआरसी भाजपा का एक राजनीतिक हथियार है।अगर वे (भाजपा) आपको छूना चाहते हैं तो उन्हें पहले ममता बनर्जी से पार पाना होगा।’’ 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राज्य के लोगों को आश्वासन दिया कि प्रदेश में एनआरसी के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी और यदि भगवा पार्टी लोगों को छूने का प्रयास करती है तो पहले पार्टी को उनसे पार पाना होगा। ममता ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह कि उनके नाम मतदाता सूची में हैं। 

उन्होंने भाजपा के स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाया कि वे राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करने की संभावना को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। ममता ने शाम में नयी दिल्ली से लौटने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को आश्वस्त करती हूं कि अगर आपको मुझ पर भरोसा है तो चिंता नहीं करें। किसी को भी पश्चिम बंगाल नहीं छोड़ना पड़ेगा। आप जैसे इतने वर्षों से रहते आ रहे हैं, वैसे ही आप यहां रहते रहेंगे। अगर वे (भाजपा) आपको छूना चाहते हैं तो उन्हें पहले ममता बनर्जी से पार पाना होगा।’’ 

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने जोर दिया कि एनआरसी असम के लिए है और वह राज्य के लोगों की परेशानियों के बारे में गृह मंत्रालय को सूचित करने के लिए नयी दिल्ली गयी थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे संदेह है कि क्या यह देश में कहीं और लागू हो पाएगा। हमारी तरह बिहार ने भी पहले ही कह दिया है कि वे इसे लागू नहीं करेंगे।’’ 

ममता ने कहा, ‘‘जो लोग कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू किया जाएगा, वे केवल लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ स्थानीय भाजपा नेता इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, टेलीविज़न चैनल लगातार इसे प्रसारित कर रहे हैं और लोग (इससे) आहत हो रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा का एक राजनीतिक हथियार है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे केवल एक अनुरोध करूंगी कि आप मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। मतदाता सूची के लिए नवीनीकरण अभियान चल रहा है। इसके अलावा कुछ नहीं करना है।’’ 

ममता ने कहा कि राशन कार्डों को डिजिटल बनाने के लिए चल रहे अभियान का एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं है और यह कुछ सुधार करने के लिए एक कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि एक व्यक्ति ने जलपाईगुड़ी में आत्महत्या कर ली और दूसरे की बालुरघाट में डिजिटल राशन कार्ड के लिए कतार में इंतजार करते हुए मौत हो गयी। हम दोनों परिवारों को दो लाख रुपये का मुआवजा देंगे, क्योंकि एनआरसी की चिंता करते हुए उनकी मौत हो गयी।

टॅग्स :ममता बनर्जीएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)पश्चिम बंगाल
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