लाइव न्यूज़ :

असम में मोदी लहर नहीं, भाजपा मेरा चेहरा दिखाकर हिंदू मतों के ध्रुवीकरण की कोशिश में: अजमल

By भाषा | Updated: March 14, 2021 16:49 IST

Open in App

(आसिम कमाल)

नयी दिल्ली, 14 मार्च इस बार असम विधानसभा चुनाव में ‘मोदी लहर’ नहीं होने का दावा करते हुए एआईयूडीएफ के प्रमुख बदरूद्दीन अजमल ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें निशाने पर लेकर और मुसलमानों को ‘दुश्मनों की तरह पेश’ करके हिन्दू मतों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी को इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के खिलाफ भाजपा के सांप्रदायिकता संबंधी आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताकर खारिज करते हुए अजमल ने दावा किया कि असम में उनकी पार्टी से ज्यादा “कोई और संगठन धर्मनिरपेक्ष” नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले के चुनावों में गैर मुस्लिमों को ‘पर्याप्त नुमाइंदगी’ देती रही है।

‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में अजमल ने कहा कि असम विधानसभा चुनाव देश के लिए ‘अहम मोड़’ साबित होंगे, क्योंकि राज्य से ही भाजपा के हारने की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन मेहनत से लड़ रहा है, जिसका हिस्सा उनकी पार्टी भी है।

लोकसभा सदस्य ने ‘धर्मनिरपेक्ष ताकतों’ के जीतने का भरोसा जताते हुए कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव हारेगी और इससे पूरे देश में एक संदेश जाएगा।

अजमल ने कहा ‘‘ एआईयूडीएफ धर्मनिरपेक्ष है और हमेशा धर्मनिरपेक्ष रहेगा। मगर भाजपा खुद ‘सांप्रदायिक’ है और ‘सांप्रदायिक’ राजनीति करती है, इसलिए वह दूसरों को भी उसी नजरिए से देखती है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, “ भाजपा के पास बात करने के लिए विकास का कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने पिछली बार नौकरियां देने की बात की थी, लेकिन वे नौकरियां मुहैया नहीं करा सके। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने काला धन वापस लाने की बात की थी, लेकिन काला धन विदेश भेजा गया।”

अजमल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर कहा कि भाजपा किसानों का मुद्दा भी हल नहीं कर सकी।

उन्होंने कहा कि असम में लगभग हर दिन कोई-न-कोई उद्योग बंद हो रहा है।

अजमल ने दावा किया, “ पिछली बार (2016 में) जब नरेंद्र मोदी ने यहां प्रचार किया था तब एक लहर थी। लेकिन इस बार कोई मोदी लहर नहीं है। वह पांच बार आए हैं लेकिन कोई भी लहर पैदा करने में नाकाम रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “ मेरा चेहरा दिखाकर, मुसलमानों को दुश्मनों के तौर पर पेश करके और सांप्रदायिक टिप्पणियां करके, भाजपा हिंदुओं का ध्रुवीकरण करना चाहती है लेकिन पिछली बार की तरह, उन्हें कामयाबी नहीं मिलेगी।”

कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने और ‘महाजोत’ गठबंधन बनाने पर धुबरी से लोकसभा सदस्य ने कहा कि यह देखा गया है कि जहां भी कांग्रेस के साथ विपक्षी दल आते हैं, वहां नतीजे अच्छे होते हैं। लिहाजा उनकी पार्टी ने गठबंधन करने का फैसला किया।

अजमल ने कहा, “ मैं 15 साल से केंद्र में संप्रग का हिस्सा रहा। हमारा एक साथ आना अहम था। कुछ लोग इसे नहीं होने दे रहे थे, लेकिन चीजे हुईं। कांग्रेस आलाकमान ने भी हरी झंडी दिखाई और सात पार्टियों का महागठबंधन बना।”

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के खिलाफ लहर है जिसका फायदा महागठबंधन को मिलेगा।

सोशल मीडिया पर उनके कथित ‘छेड़छाड़’ से तैयार किए गए वीडियो से संबंधित हालिया विवाद पर अजमल ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास उनकी पार्टी के खिलाफ कहने को कुछ नहीं है, इसलिए वह ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘छेड़छाड़’ किए गए वीडियो के लिए जिम्मेदार लोगों पर ट्विटर ने कार्रवाई की है।

अजमल ने कहा, “ देश में एक ही पार्टी है जो हिन्दुत्व के बारे में बात करती है और वह भाजपा है। अगर कोई राम मंदिर के बारे में बात कर रहा है तो वह भाजपा है। हम न इसे उठा रहे हैं न ही इसका मुद्दा बना रहे हैं।”

असम में मुख्य मुद्दों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि मुख्य मुद्दा चाय बागान मजदूरों का है और उनकी पार्टी उनके अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ेगी।

उन्होंने कहा, “ संशोधित नागरिकता कानून भी एक बड़ा मुद्दा है। हम इसका विरोध कर रहे हैं और कांग्रेस भी इसका विरोध कर रही है। हम इसके खिलाफ थे, इसके खिलाफ हैं और रहेंगे।”

एआईयूडीएफ के, कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में 21 सीटों पर चुनाव लड़ने के आसार पर अजमल ने कहा कि उनकी पार्टी 30-31 सीटों पर चुनाव लड़ सकती थी लेकिन उन्होंने विपक्षी वोटों को बंटने से रोकने और गठबंधन की खातिर कुर्बानी देने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “ हम कम सीटों पर सहमत हो गए हैं, लेकिन हमें 90-95 प्रतिशत सीटें जीतने की उम्मीद है।”

राज्य के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा उन पर बार-बार हमला करने और भूतपूर्त मुगल शासन की बात करने पर अजमल ने कहा, “ उन्होंने (सरमा ने) कांग्रेस में रहते हुए अच्छा काम किया था लेकिन भाजपा में जाने के बाद, वह उसके विपरीत बात कर रहे हैं जो उन्होंने पहले कहा था।”

एआईयूडीएफ के प्रमुख ने कहा ‘‘ भाजपा के पास कहने को कुछ नहीं है, इसलिए वह ‘बदरूद्दीन अजमल के चेहरे का इस्तेमाल कर रही है, मुझे मुगल बता रही है। मुगलों से मेरा क्या लेना-देना है?”

एआईयूडीएफ और कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ रहे हैं। इस महागठबंधन में बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट, माकपा, भाकपा, भाकपा-एमएल और आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं।

असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव तीन चरणों में होंगे। ये 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को होंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

क्रिकेटकेकेआर के लिए सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच क्यों नहीं खेल रहे हैं? जानें कारण

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत अधिक खबरें

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है