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राम मंदिर पर प्रधानमंत्री के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा: मैं किसी बयानबाजी में शामिल नहीं हूं

By भाषा | Updated: September 20, 2019 23:02 IST

बहुमत नहीं होने के बाद भी स्थिर सरकार देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसा किए जाने के बारे में पूछे जाने पर ठाकरे ने कहा कि बयान 2014 के विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के संदर्भ में था। उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना ने कभी भी सरकार को धोखा नहीं दिया है।

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ठळक मुद्देठाकरे ने कहा कि अयोध्या की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मांग की थी कि अगर अदालत के आदेश में देरी होती है तो सरकार को साहस दिखाना चाहिए और ‘‘हस्तक्षेप’’करना चाहिए।शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री को लगता है कि फैसला जल्द ही हो जाएगा तथा हमें और धैर्य रखना होगा तो ठीक है।’’ 

राम मंदिर पर ‘बड़बोलों’ को बयान देने से परहेज करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के एक दिन बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख हिंदुओं की भावनाओं को प्रदर्शित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को नासिक में एक रैली में कहा था, ‘‘मैं राम मंदिर मुद्दे पर बयान बहादुरों और बड़बोलों को देखकर हैरान हूं। देश में हर किसी को उच्चतम न्यायालय का सम्मान करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय इस मामले की सुनवाई कर रहा है। मैं हाथ जोड़कर इन लोगों से कहना चाहता हूं कि न्यायिक प्रणाली में विश्वास रखें।’’ 

मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर भाजपा के सहयोगी ठाकरे ने कहा, ‘‘वह (मोदी) किनका जिक्र कर रहे हैं। मैं बयानबाजी नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ हिंदुओं की भावनाओं को प्रदर्शित कर रहा हूं।’’ मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन मीडिया के एक हिस्से ने दावा किया कि यह बयान सहयोगी शिवसेना के लिए था जो अक्सर अयोध्या मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाती रही है और उसने मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है। 

ठाकरे ने जोर दिया कि उनकी पार्टी को सर्वोच्च अदालत पर विश्वास है ‘‘लेकिन यह मामला कई वर्षों से अदालत में लंबित है। मैं पिछले साल अयोध्या गया था, और अब (महाराष्ट्र) विधानसभा चुनावों से पहले, मेरी फिर से मंदिर शहर जाने की इच्छा है।” उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई घोषणा नहीं कर रहा हूं (अयोध्या की यात्रा के बारे में) क्योंकि मैंने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।’’ 

ठाकरे ने कहा कि अयोध्या की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मांग की थी कि अगर अदालत के आदेश में देरी होती है तो सरकार को साहस दिखाना चाहिए और ‘‘हस्तक्षेप’’करना चाहिए। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री को लगता है कि फैसला जल्द ही हो जाएगा तथा हमें और धैर्य रखना होगा तो ठीक है।’’ 

बहुमत नहीं होने के बाद भी स्थिर सरकार देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसा किए जाने के बारे में पूछे जाने पर ठाकरे ने कहा कि बयान 2014 के विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के संदर्भ में था। उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना ने कभी भी सरकार को धोखा नहीं दिया है। इसने पांच वर्षों में विकास कार्यों के लिए पूर्ण समर्थन और भागीदारी दी है।’’ 

उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए एक दौर था जब शिवसेना के मंत्रियों ने इस्तीफा देने की धमकी दी थी। इस बीच, विदर्भ के कृषि कार्यकर्ता और कृषि से संबंधित सरकार के कार्यबल के अध्यक्ष किशोर तिवारी शुक्रवार को ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए।

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