लाइव न्यूज़ :

कानून वापस नहीं तो घर वापसी नहीं : राकेश टिकैत

By भाषा | Updated: December 27, 2020 12:33 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 27 दिसंबर दिल्ली की सीमा पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को एक महीना हो गया है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार अड़ियल रवैया

छोड़े, क्योंकि सशर्त बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि अगर कानून वापस नहीं लिए जाते हैं तो आंदोलनकारी किसान भी घर वापस नहीं जाएंगे। इस मुद्दे पर पेश हैं उनसे ‘भाषा के पांच सवाल’ और उनके जवाब...

सवाल : कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का कोई नतीजा नहीं निकला है। आगे की राह क्या होगी ?

जवाब : सरकार हमसे बातचीत करना चाहती है और हमसे तारीख तथा मुद्दों के बारे में पूछ रही है। हमने 29 दिसंबर को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। अब सरकार को तय करना है कि वह हमें कब बातचीत के लिए बुलाती है। हमारा कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए तौर-तरीके और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए गारंटी का मुद्दा सरकार के साथ बातचीत के एजेंडे में शामिल होना चाहिए। हमने साफ कहा है कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़े, क्योंकि सशर्त बातचीत का कोई मतलब नहीं है। कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं।

सवाल : आपने हाल ही में किसान आंदोलन को लेकर गुरुद्वारा 'लंगर' की तरह से मंदिरों व एवं धार्मिक ट्रस्टों से भी योगदान देने की बात कही थी। इस बयान से पैदा विवाद पर क्या कहेंगे ?

जवाब : यह आंदोलन में फूट डालने वालों की चाल है। मेरे बयान का आशय मंदिर में पुजारी व धार्मिक ट्रस्ट की तरफ से गुरुद्वारा 'लंगर' की तर्ज पर आंदोलन में अपने बैनर के साथ लंगर सेवा प्रदान करने से था। मेरे बयान को अन्यथा न लिया जाए और उसे गलत तरीके से पेश नहीं किया जाए । आंदोलन सभी का है। हमारा बयान मंदिरों या ब्राह्मणों के खिलाफ नहीं है। ‘ऋषि और कृषि’ की दो पद्धतियों पर हिन्दुस्तान की संस्कृति आधारित है। हम इन दोनों पद्धतियों को मानते हैं। इस सबके बाद भी अगर किसी को मेरी किसी बात से ठेस पहुंची हो तो मैं सौ दफा माफी मांगने को तैयार हूं।

सवाल : किसानों और सरकार के बीच बातचीत में अड़चन कहां आ रही है। सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं ?

जवाब : सरकार एक तरफ वार्ता का न्योता भेजती है, दूसरी तरफ किसानों की मांग को खारिज करती है। यह सरकार के दोहरे चरित्र को दर्शाता है। क्या सरकार द्वारा घोषित फसलों का मूल्य मांगना गलत है। सरकार से हमारी कोई लड़ाई नहीं है। वार्ता के सारे रास्ते खुले हैं। ऐसे में बीच का रास्ता यह है कि पहले तीनों कृषि कानूनों को खत्म कर एमएसपी पर कानून बनाया जाए।

सवाल : सरकार का कहना है कि विपक्ष किसानों को गुमराह कर रहा है। इसपर क्या कहेंगे ?

जवाब : विपक्ष में इतनी ताकत होती तो वह सत्ता से हटते ही क्यों। इस आंदोलन में तो भाजपा वाले भी आ रहे हैं। लोग यहां आकर हमसे कह रहे हैं कि यहां से हटना नहीं। हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन करने का संविधान में अधिकार दिया गया है। मेरा निवेदन है कि कोई भी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश न करे। यह आंदोलन पूरे देश के अन्नदाताओं का आंदोलन है। सरकार भी तो इस मुद्दे पर सार्वजनिक बैठकें कर रही है। क्या भाजपा के लोगों ने कभी आंदोलन नहीं किया।

सवाल : प्रधानमंत्री और सरकार के मंत्री इन कानूनों को किसानों के हित में बता रहे हैं। कई किसान संगठनों ने इनका समर्थन किया है।

जवाब : देखिये, इन कानूनों के बनने से पहले ही देश में गोदाम बनने लगे थे। पहले कह रहे थे कि वे गौशालाएं बना रहे हैं, लेकिन बने गोदाम। गौशाला तो एक भी नहीं बन पाई। दूसरी ओर, खेती की लागत बढ़ गई है और किसान अपनी पैदावार आधे दामों पर बेचने को मजबूर है। लेकिन, अब कोई किसानों की आय दोगुनी होने की बात कर रहा है। ये किसान उस मास्टर से भी मिलना चाहते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

क्रिकेटएक था जो विकेट के पीछे?, जितेश शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने धोनी पर किया कटाक्ष, वीडियो

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां