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आईआरसीटीसी के आतिथ्य पर्यवेक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं, सांसद ने रेल मंत्री को पत्र लिखा

By भाषा | Updated: April 2, 2021 20:40 IST

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल राज्यसभा के एक सदस्य ने शुक्रवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर आईआरसीटीसी में अनुबंध पर नियोजित आतिथ्य पर्यवेक्षकों की नौकरी का नवीनीकरण नहीं करने को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा कि कोविड-19 संकट जब ‘‘चरम’’ पर था तो उन्होंने अपनी सेवाएं दीं।

राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि इन कर्मियों की तरफ से वह पत्र लिख रहे हैं जिन्हें इंडियन रेलवेज कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने 23 अप्रैल 2019 को कैटरिंग सेवाओं के पर्यवेक्षण, रेलगाड़ियों में गुणवत्ता की जांच के लिए अनुबंधित किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘इन अनुबंधित कर्मचारियों ने कोविड-19 के चरम पर होने के दौरान अपनी सेवाएं दीं क्योंकि भारतीय रेलवे की तरफ से चलाई गईं ‘श्रमिक स्पेशल’ रेलगाड़ियों में भोजन आपूर्ति सेवाओं के प्रबंधन और पर्यवेक्षण की उन्होंने बखूबी जिम्मेदारी संभाली।’’

झा ने पत्र में लिखा, ‘‘हमें यह जानकर बहुत दुख हुआ कि इन कर्मचारियों ने हमें सूचित किया है कि आईआरसीटीसी के अधिकारी उन्हें नई नौकरी खोजने के लिए कह रहे हैं। साथ ही 20 दिनों बाद वे सेवा में नहीं रहेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईआरसीटीसी तर्क दे रहा है कि उन्हें दो वर्ष के अनुबंध पर रखा गया था जो अब जल्द समाप्त होने वाला है।’’

झा ने कहा कि ये पर्यवेक्षक होटल क्षेत्र में प्रशिक्षित हैं और उनमें से कई के पास आतिथ्य की पेशेवर डिग्री है।

सांसद ने कहा कि इन लोगों की सेवाओं का नवीनीकरण नहीं करना मंत्री द्वारा संसद में दिए गए आश्वासन के खिलाफ है।

झा ने ट्वीट किया, ‘‘यह सदन में रेल मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के खिलाफ है। हम जो कर सकते हैं, वह करेंगे।’’

उन्होंने रेल मंत्री से मामले पर गौर करने और आईआरसीटीसी से जुड़े सैकड़ों पर्यवेक्षकों की नौकरी बचाने की अपील की।

इससे पहले 25 जून को सभी रेलवे जोन को पत्र लिखकर आईआरसीटीसी ने सूचित किया था कि वर्तमान परिस्थितियों में इन अनुबंधित कर्मचारियों की जरूरत नहीं है और उन्हें एक महीने की नोटिस देकर उनके अनुबंध को समाप्त किया जा सकता है।

इससे लगभग 560 कर्मियों की नौकरियां चली जाएंगी।

बहरहाल कर्मियों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर मुद्दे को उठाया।

नवीन कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री, रेलमंत्री। हम आईआरसीटीसी में आतिथ्य पर्यवेक्षक हैं। उन्होंने हमें नौकरी से हटा दिया। कृपया हमारी नौकरी और परिवार को बचाइए।’’

राहुल मोना ने रेल मंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘‘महाशय, महामारी की इस परिस्थिति में हमारे पास आजीवका का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए आग्रह है कि हमारी नौकरी बचाने के लिए कुछ कीजिए।’’

आईआरसीटीसी के प्रवक्ता आनंद कुमार झा ने कहा कि वर्तमान में स्पेशल रेलगाड़ियों में कैटरिंग की सेवाएं पैकेटबंद खाद्य पदार्थ, बोतलबंद पेयजल, चाय, कॉफी आदि तक सीमित हैं।

आतिथ्य पर्यवेक्षकों के अनुबंध के बारे में उन्होंने कहा कि उनके अनुबंध की शर्तों के मुताबिक कदम उठाए जा रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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