Bihar: नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले नए सीएम को लेकर हलचल तेज, निशांत कुमार के सपोर्ट में लगे पोस्टर
By एस पी सिन्हा | Updated: March 28, 2026 14:38 IST2026-03-28T14:35:28+5:302026-03-28T14:38:15+5:30
Bihar: उन्होंने कहा कि निशांत कुमार मुख्यमंत्री बनेंगे या क्या बनेंगे यह तो मैं नहीं जानता हूं। लेकिन, उनके ही हाथ में तीर का निशान मिला है तो जिम्मा उन्हीं का है।

Bihar: नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले नए सीएम को लेकर हलचल तेज, निशांत कुमार के सपोर्ट में लगे पोस्टर
Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। सियासी गलियारों में जदयू और भाजपा दोनों तरफ से नामों की चर्चा चल रही है। जदयू के कुछ नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, विजय कुमार सिन्हा और शाहनवाज हुसैन समेत कई नाम दौड़ में हैं। इस बीच राजधानी पटना के विभिन्न जगहों पर पोस्टर लगाकर अब नए नेतृत्व की मांग खुलकर सामने आ रही है, निशांत कुमार को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है।
इसी कडी में शनिवार को पटना में जदयू कार्यालय के बाहर एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया है। पोस्टर में निशांत कुमार की फोटो के नीचे लिखा है-‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार। नीतीश सेवक, मांगे निशांत।’ इसके साथ ही पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर भी है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार छोड़कर नहीं जाने की अपील की गई है। पोस्टर में लिखा है कि ‘क्यों कर रहे हैं आप ऐसा विचार, जब बिहार वासियों को स्वीकार नहीं कि आप मुख्यमंत्री पद छोड़ जाएं बिहार।’
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का जब ऐलान किया था, तब से ही जदयू के कार्यकर्ता उन्हें फिर से विचार करने और बिहार से नहीं जाने की अपील कर रहे हैं। इसबीच जदयू कार्यकर्ताओं का मानना है कि निशांत में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता है और वे बिहार के विकास को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने जब निशांत कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे थे, उस दिन भी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें ही सीएम फेस बताया था। इसके साथ ही निशांत जब नालंदा पहुंचे थे, तब महिलाओं ने भी यही मांग की थी।
इस बीच जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री कौन होगा यह तो राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा या गठबंधन के घटक दल तय करेंगे। लेकिन तय निशांत तीर निशांत यह मैंने कहा। उन्होंने कहा कि मैंने यह भी कहा कि भविष्य की उड़ान निशांत कुमार हैं। अब क्या दायित्व मिलेगा नहीं मिलेगा यह अलग विषय है। लेकिन नेतृत्वकर्ता के रूप में यह माना गया कि तीर निशान तय निशांत।
नीरज कुमार ने कहा कि हाल के समय में मैं नालंदा गया हुआ था और जब मैंने वहां के लोगों से यह सवाल किया कि आपलोग तय निशांत-तीर निशांत के नाम पर आशीर्वाद दिजिए तो वहां के लोगों ने दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया। इसका मतलब निशांत कुमार की स्वीकारता नालंदा की भूमि पर सार्वजनिक रूप से हो गया है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार मुख्यमंत्री बनेंगे या क्या बनेंगे यह तो मैं नहीं जानता हूं। लेकिन, उनके ही हाथ में तीर का निशान मिला है तो जिम्मा उन्हीं का है।
वहीं, मोकामा से जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने हाल ही में निशांत कुमार को सीएम मैटेरियल बताया था। इतना ही नहीं, उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि निशांत कुमार में उनके पिता वाला गुण हैं। वे पढ़े-लिखे और अच्छे व्यवहार के हैं। लेकिन उस दौरान अनंत सिंह ने यह भी कहा था कि अगला सीएम कौन होगा, इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
उधर, निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बताए जाने पर भाजपा ने बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि इन पोस्टरों से यह साफ झलकता है कि कार्यकर्ताओं के मन में निशांत के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने निशांत कुमार को एक संवेदनशील युवा नेता बताते हुए उनके जनसंपर्क की शैली की सराहना की। हालांकि, मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन के सभी दल मिलकर सामूहिक रूप से कोई भी फैसला लेंगे। भाजपा का फिलहाल पूरा ध्यान व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि बिहार के विकास और जनता की सेवा पर केंद्रित है।
वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर नीतीश कुमार और भाजपा दोनों पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के सत्ता छोड़ने के बाद निशांत को आगे करने की तैयारी असल में भाजपा के इशारे पर हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाजवाद का झंडा बुलंद करने वाले नीतीश कुमार अब परिवारवाद की राह पर कैसे चल पड़े हैं? कांग्रेस का दावा है कि भाजपा जानबूझकर ऐसे पोस्टर लगवा रही है ताकि आने वाले समय में इसी मुद्दे पर जदयू के भीतर बगावत शुरू करवाई जा सके।