बिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

By एस पी सिन्हा | Updated: April 5, 2026 15:41 IST2026-04-05T15:41:47+5:302026-04-05T15:41:56+5:30

त्रों के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद वे 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे और 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

Nitish Kumar may resign as Chief Minister on April 12, while deliberations regarding the Chief Minister's post continue within the BJP | बिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

बिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने को लेकर सूबे में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और राज्यसभा में शपथ से पहले जदयू ने 9 अप्रैल को दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और नई सरकार के गठन को लेकर गहन चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद वे 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे और 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि ’10 तारीख को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। उनके शपथ लेने के बाद भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व, एनडीए, मुख्यमंत्री सब मिलकर फैसला लेंगे। संजय सरावगी का बयान के बाद प्रदेश की सियासत में जल्द ही नए मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एनडीए के अन्य नेता भी कहते रहे हैं कि जल्द ही बैठक के बाद नया मुख्यमंत्री कौन होगा तय किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सूबे में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अप्रैल के तीसरे हफ्ते यानि खरमास बाद होगी, इसके बाद ही बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। हालांकि, अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला एनडीए का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। 

हिंदू पंचांग के अनुसार ‘खरमास’ समाप्त होने के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है, इसलिए सत्ता परिवर्तन जैसे बड़े फैसले के लिए यह समय अहम है। सियासत के जानकारों का मानना है कि 14 अप्रैल के बाद से 20 अप्रैल के बीच किसी भी समय इस्तीफा और नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस बीच भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। 

वहीं, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने हाल ही में कहा था कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि अगला मुख्यमंत्री किस पार्टी से होगा।कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां नए नेतृत्व को लेकर तस्वीरें साफ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, जदयू की यह बड़ी बैठक 9 अप्रैल को दिल्ली में मुख्यमंत्री के आवास पर आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। खुद नीतीश कुमार इसमें मौजूद रहेंगे और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा का नेतृत्व करेंगे। 

बैठक ऐसे समय पर बुलाई गई है जब उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हैं और राज्यसभा में उनकी शपथ को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि जदयू के भविष्य की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी साबित हो सकती है। खासकर ऐसे समय में जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।

Web Title: Nitish Kumar may resign as Chief Minister on April 12, while deliberations regarding the Chief Minister's post continue within the BJP

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