राजद प्रमुख लालू यादव और दिवंगत सुशील मोदी क्लब में शामिल होंगे नीतीश कुमार?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 5, 2026 12:51 IST2026-03-05T12:50:16+5:302026-03-05T12:51:19+5:30
संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा और राज्य विधानसभा के दोनों सदन विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्य बनने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी।

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पटनाः बिहार में राजनीति फिर से करवट ले रही है। 2005 में पहली बार नीतीश कुमार सीएम बने थे और 2026 तक इस पद पर रहे। सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पुष्टि की है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा में जा रहे हैं। राज्य सरकार का नेतृत्व करने के दो दशकों से अधिक समय के बाद वे यह कदम उठा रहे हैं। कुमार ने X पर एक पोस्ट में कहा कि संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा और राज्य विधानसभा के दोनों सदन विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्य बनने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी।
वे पहले ही लोकसभा सांसद, विधायक और एमएलसी रह चुके हैं और राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर यह चौतरफा उपलब्धि हो जाएगी। बिहार के राजनीति में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी क्लब में शामिल हो जाएंगे। लालू और मोदी लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधानपरिषद रह चुके हैं। पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है।
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) March 5, 2026
आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ।
इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
कुमार के सहयोगियों का कहना है कि चारों सदनों के सदस्य बनने की उनकी इच्छा कई साल से हैं। नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और दिवंगत सुशील मोदी, जो दशकों से बिहार के राजनीतिक परिदृश्य के तीन स्तंभ रहे हैं, ने आपातकाल विरोधी आंदोलन के दौरान एक साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। दिवंगत राम विलास पासवान और शरद यादव ने भी ऐसा ही किया था।
नीतीश कुमार को छोड़कर इन सभी नेताओं ने राज्यसभा में अपनी सेवाएं दी हैं। कुमार विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रहे हैं, लेकिन राज्यसभा के नहीं। यह बदलाव उन्हें लालू यादव और सुशील मोदी के उस दुर्लभ रिकॉर्ड को हासिल करने में मदद करेगा।