खरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

By एस पी सिन्हा | Updated: April 8, 2026 17:09 IST2026-04-08T17:08:56+5:302026-04-08T17:09:52+5:30

दिल्ली में 10 अप्रैल को बिहार भाजपा कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन करने वाले हैं।

New Chief Minister in Bihar 15-16 April after end Kharmas CM Nitish Kumar chaired cabinet last time Oath taking ceremony Rajya Sabha 10 April | खरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

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Highlightsकरीब डेढ़ महीने तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई।मुख्यमंत्री 9 अप्रैल को दोपहर में दिल्ली जाएंगे।नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढाएंगे।

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक का अध्यक्षता किया। यह बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित अंतिम कैबिनेट बैठक के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले फरवरी में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई थी। उसके बाद करीब डेढ़ महीने तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई।

इस बीच, मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। साथ ही, खरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 9 अप्रैल को दोपहर में दिल्ली जाएंगे, जहां वह जदयू की बैठक में हिस्सा लेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। जबकि 10 अप्रैल को वह राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे। जबकि दिल्ली से लौटने के बाद वह राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढाएंगे।

इसके साथ ही अब लगभग यत तय हो गया है कि राज्य में भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही है। इसके लिए दिल्ली से लेकर पटना में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में 10 अप्रैल को बिहार भाजपा कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन करने वाले हैं।

इस बैठक में बिहार प्रदेश के शीर्ष नेताओं के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र जी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया शामिल होंगे। बैठक के लिए बिहार प्रदेश भाजपा के जिन नेताओं को बुलाया गया है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार जायसवाल, बिहार सरकार में मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, मंत्री मंगल पांडेय शामिल हैं।

इस बैठक में प्रदेश कोर ग्रुप से मुख्यमंत्री का नाम सुझाने को कहा जा सकता है। बैठक में इस बात की कोशिश होगी कि आम सहमति से कोई एक नाम तय हो जाए। इस बैठक में जो फैसला होगा, उसी के आधार पर पार्टी आलाकमान अंतिम फैसला लेगा। पार्टी आलाकमान की ओर से मुख्यमंत्री का नाम फाइनल किए जाने के बाद गठबंधन के नेताओं को इस बारे में राजी करने की कोशिश की जाएगी।

पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। इस बीच मंत्री विजय चौधरी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और उसके बाद ही सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए निर्धारित समय पर जाएंगे और परसों(10 अप्रैल) शपथ ग्रहण करेंगे।

इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी दलों की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा और उसी आधार पर नई सरकार का गठन होगा। जब विजय चौधरी से नए मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने गोल मटोल जवाब देते हुए कहा कि “जरा स्थिर होकर पूछिए कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

जिन-जिन को आप लोग रेस में लगा देते हैं, वही होंगे।” दरअसल, पिछले कुछ महीनों से मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सम्राट चौधरी का नाम लगातार प्रमुखता से सामने आ रहा है। उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। खास बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी यात्रा के दौरान कई बार ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सम्राट चौधरी को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सियासत के जानकारों का मानना है कि विजय चौधरी भले ही सीधे तौर पर किसी नाम का ऐलान नहीं कर रहे हों, लेकिन उनके बयान में छिपे संकेत काफी कुछ साफ कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बिहार की सियासत में यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की सत्ता और राजनीतिक समीकरणों पर दूरगामी असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण, इस्तीफे और उसके बाद होने वाली एनडीए बैठक पर टिकी हैं, जहां बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।

Web Title: New Chief Minister in Bihar 15-16 April after end Kharmas CM Nitish Kumar chaired cabinet last time Oath taking ceremony Rajya Sabha 10 April

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