लाइव न्यूज़ :

नये कृषि कानून किसानों के हितों पर कुठाराघात, कांग्रेस किसानों के साथ है: माकन

By भाषा | Updated: December 25, 2020 19:17 IST

Open in App

जयपुर, 25 दिसम्बर कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने नये कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि इनके जरिए किसानों पर कुठाराघात किया गया है और कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है।

माकन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज पूरे देश का किसान परेशान है, सडकों पर है। तीन काले कानूनों को नरेन्द्र मोदी सरकार ने ससंद में गैर लोकतांत्रिक तरीके से पारित करा कर किसानों के हितों पर कुठाराघात किया है। आज पूरे का पूरा देश और किसान इसे लेकर उद्वेलित है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।’’

माकन ने कहा कि ये तीनों कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली पर कुठाराघात करते हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को बढावा देने के लिये ये कानून बनाये गये हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन तीनों काले कानूनों को वापस लेने की मांग करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ केवल मोदी जी के पूंजीपति मित्रों के फायदे को ध्यान में रखकर ये कानून बनाये गये हैं। ’’

उन्होंने पिछले छह साल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किसान विरोधी पांच काम किये जाने का जिक्र करते हुए कहा , ‘‘ 12 जून 2014 को जैसे ही मोदी सरकार केंद्र की सत्ता में आयी, सबसे पहले एक अधिसूचना जारी की गयी कि अगर कोई राज्य सरकार एक रूपया बोनस भी यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य से उपर देगी तो उस राज्य से केन्द्र सरकार एमएसपी पर कोई फसल नहीं खरीदेगी। यह मोदी सरकार का किसानों के हितों पर पहला कुठाराघात था।

उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य बढोत्तरी धान में 134 प्रतिशत की थी और मोदी सरकार में यह केवल 42 प्रतिशत हुआ। इसी तरह, गेहूं की एमएसपी में हमारे समय में 122 प्रतिशत वृदि्ध हुई थी, जबकि मोदी सरकार के समय में केवल 41 प्रतिशत की वृदि्ध हुई है।’’

माकन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ यह योजना किसानों की बीमा योजना नहीं थी, बल्कि यह केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों और निजी कपनियों को फायदा पहुंचाने के लिये थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘2016 में जब खरीफ सत्र में यह लागू किया गया, तो तीन वर्ष में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और किसानों ने मिलकर कुल एक लाख करोड़ रूपया निजी कंपनियों को बीमा के लिये दिया और इन तीन साल में 26,121 करोड़ रूपये का मुनाफा इन कंपनियों को हुआ।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

क्रिकेट2015 में 5, 2024 में 4 और 2026 में लगातार 3 जीत से शुरुआत?, आईपीएल सीजन में तीसरी बार आरआर ने किया आगाज?

पूजा पाठPanchang 08 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठVaisakhi 2026: बैसाखी के दिन का महत्व बताते 5 रोचक तथ्य, सिर्फ फसलों का त्योहार नहीं बल्कि इतिहास है खास; जानें

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र