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एनसीईआरटी ने प्रौढ़ शिक्षा के शिक्षार्थियों के लिये पाठ्य प्रवेशिका, मार्गदर्शिका बनायी

By भाषा | Updated: January 11, 2021 14:27 IST

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(दीपक रंजन)

नयी दिल्ली, 11 जनवरी राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रौढ़ शिक्षा अभियान के शिक्षार्थियों के लिये भाषा और गणित को शामिल करते हुए 13 विषयों (थीम) पर पाठ्य प्रवेशिका एवं मार्गदर्शिका तैयार की है ।

एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया, ‘‘ प्रौढ़ शिक्षा अभियान के तहत वयस्क शिक्षार्थियों के लिये चार प्रवेशिकाएं तैयार की गई हैं। ये प्रवेशिकाएं समेकित रूप से बनाई गई हैं जिनमें भाषा और गणित दोनों शामिल हैं। विषय सामग्री के रूप में 13 विषय (थीम) तय किये गए हैं।’’

गौरतलब है कि सरकार ने वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी प्रौढ़ शिक्षा को लेकर कई सुझाव दिये गए हैं। ऐसे में एनसीईआरटी ने ‘उड़ान शिक्षा की’ नाम से प्रौढ़ शिक्षा मार्गदर्शिका और चार प्रवेशिकाएं तैयार की हैं ।

इन प्रवेशिकाओं में परिवार एवं पड़ोस, बातचीत, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, कानूनी साक्षरता, आपदा प्रबंधन, डिजिटल साक्षरता आदि शामिल हैं। भाषा खंड के तहत इन्हीं विषयों से जुड़ी रोचक सामग्री को शामिल करते हुए हिन्दी भाषा और अंकगणित को पढ़ना लिखना सुगम बनाया गया है।

अधिकारी ने बताया, ‘‘ वयस्क शिक्षार्थियों को पढ़ने लिखने और अंक गणित सीखने में मदद के लिये एक निर्देशिका तैयार की गई है। शिक्षार्थियों की स्थानीय जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इसमें आवश्यक्ता अनुसार बदलाव किये जा सकते हैं।’’

शिक्षार्थियों को चित्र, पोस्टर या आसपास की घटनाओं के जरिये सीखने को प्रेरित करने पर जोर दिया गया है।

इसमें उदाहरण के तौर पर कहा गया है कि स्वयंसेवक मतदान का उल्लेख करते हुए शिक्षार्थियों को बताएं कि आप एक वोटर हैं और आपको मतदान क्यों करना चाहिए। वोट देने की तैयारी, वोट देने के तरीके और वोटर कार्ड के प्रयोग के बारे में भी जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है।

आपदा प्रबंधन के संबंध में शिक्षार्थियों को आपदा के बारे में चित्र और पोस्टर प्रस्तुत करने तथा उनसे दिखाए गए चित्र से संबंधित आपदा एवं इनके अनुभव (अगर कोई है) के बारे में पूछने को कहा गया है। आपदा आने पर संकट के समय कहां सम्पर्क कर सकते हैं, इसके बारे में बताने को कहा गया है।

वित्तीय साक्षरता को लेकर बैंक के बारे में चर्चा करने और मोबाइल फोन पर भीम ऐप डाउनलोड करके उसके उपयोग के बारे में बताने को कहा गया है। वहीं, डिजिटल साक्षरता के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी उल्लेख किया गया है।

प्रौढ़ शिक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों से कहा गया है कि वे शिक्षार्थियों को 10 रूपये या अन्य नोट के जरिये पूछे कि इसमें कौन कौन से अंक है, कितनी भाषाएं हैं। शिक्षार्थियों के साथ उनके यात्रा संस्मरण को लेकर चर्चा करने को कहा गया है ।

मार्गदर्शिका में कहा गया है कि महात्मा गांधी के बारे में शिक्षार्थी क्या जानते हैं, इसके बारे में भी जानने का प्रयास करें। चिठ्ठी पढ़ने और लिखने को लेकर भी अभ्यास पर जोर दें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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