लाइव न्यूज़ :

नेकां ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित किया

By भाषा | Updated: December 7, 2021 16:33 IST

Open in App

जम्मू, सात दिसंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने पार्टी अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में यहां मंगलवार को हुई बैठक में जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-ए को बहाल करने की मांग समेत कुल सात प्रस्ताव पारित किए।

बैठक में, ‘दरबार स्थानांतरण’ प्रथा बहाल करने, पर्यटन उद्योग के लिए विशेष पैकेज, युवाओं के लिए रोजगार, जम्मू-कश्मीर में मंडल आयोग की अनुशंसाएं लागू करने, फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और आवश्यक उत्पादों की कीमतें कम करने जैसी मांग भी की गईं।

नेकां का केंद्रीय जोन जिसमें जम्मू, सांबा और कठुआ जिले आते हैं, उसका एक दिवसीय सम्मेलन यहां शेर-ए-कश्मीर भवन में हुआ, जिसमें ये प्रस्ताव पारित किए गए।

पार्टी ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से यहां का सामाजिक ताना-बाना गड़बड़ा गया, अखंडता और मिश्रित संस्कृति भी प्रभावित हुई। पार्टी ने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर में तीन क्षेत्रों में अलग भाषाएं और संस्कृति हैं, जिन्हें तीनों क्षेत्रों के लोग समानता और शांतिपूर्वक साझा करते हुए उनका आनंद उठाते थे।’’

नेकां ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-ए को बहाल करने संबंधी प्रस्ताव यहां के लोगों के ‘‘व्यापक हित’’ में है। इसका उद्देश्य एकता, अखंडता, शांति, प्रगति और लोगों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द कायम करना है।

प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘नौकरियां और जम्मू-कश्मीर के लोगों की भूमि को जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए ही सुरक्षित रखना आवश्यक है। यह पांच अगस्त 2019 से पहले की स्थिति को बहाल करने के जरिए ही संभव है।’’

पिछले वर्ष उप राज्यपाल के तहत प्रशासन द्वारा खत्म कर दी गई ‘दरबार स्थानांतरण’ प्रथा को बहाल करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किया गया। 149 वर्ष पुरानी इस परंपरा के तहत सरकार छह महीने श्रीनगर से और छह महीने जम्मू से संचालित होती थी।

एक अन्य प्रस्ताव में पर्यटन क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की मांग की गई। पार्टी ने वादा किया कि सत्ता में आने पर वह पर्यटन उद्योग की शिकायतों का निवारण करेगी।

एमएसपी की कानूनी गारंटी देने संबंधी प्रस्ताव में कहा गया कि किसान समुदाय एमएसपी पर कानून पारित कराने के लिए संघर्ष कर रहा है, ऐसे में नेशनल कॉन्फ्रेंस उनका समर्थन करती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos

भारतDelhi Assembly Security Breach: कार में सवार व्यक्ति ने कॉम्प्लेक्स का गेट तोड़कर पोर्च में रखा गुलदस्ता, वीडियो