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Narendra Modi speech: पीएम मोदी ने कहा, समय पर किए गए लॉकडाउन से लाखों लोगों का जीवन बचाया गया

By निखिल वर्मा | Updated: June 30, 2020 17:55 IST

देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम यह छठा संबोधन है.

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ठळक मुद्देजब से देश में अनलॉक-1 हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही भी बढती ही चली जा रही अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी संकट को लेकर राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि नवंबर महीने तक 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त में अनाज दिया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत इसके लिए 90 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने का आह्वान किया।

जानें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के खास बातें

-कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ते-लड़ते हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं. हम उस मौसम भी प्रवेश कर रहे हैं जहां सर्दी, बुखार, खांसी-जुकाम बढ़ जाते हैं.

-समय पर किए गए लॉकडाउन से भारत में लाखों जीवन का बचा है. लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था।अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है.

-विशेषकर कंटेनमेंट जोन पर हमें बहुत ध्यान देना होगा. जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा.

-बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं.

-एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है। वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया.

-एक तरह से देखें तो, अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है.

-लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए.

-देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई.

-त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए.

-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता.

-अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड. इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं.

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