Namo Bharat: गुरुग्राम जाने वालों को नहीं मिलेगा जाम, रैपिड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा नोएडा-फरीदाबाद- गुरुग्राम; ये है पूरा प्लान
By अंजली चौहान | Updated: February 26, 2026 13:24 IST2026-02-26T13:23:43+5:302026-02-26T13:24:10+5:30
Namo Bharat 3.0: दिल्ली-मेरठ के बीच सफल ऑपरेशन के बाद, नमो भारत जल्द ही गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा को जोड़ेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि नमो भारत RRTS कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है।

Namo Bharat: गुरुग्राम जाने वालों को नहीं मिलेगा जाम, रैपिड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा नोएडा-फरीदाबाद- गुरुग्राम; ये है पूरा प्लान
Namo Bharat 3.0: दिल्ली से मेरठ की सफल रैपिड रेल शुरू होने के बाद जल्द दिल्ली-एनसीआर वालों भी इसकी सौगात मिलेगा। सरकार के नए प्लान के तहत नमो भारत जल्द ही गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा को जोड़ेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि नमो भारत RRTS कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के मुताबिक, सरकार ने रूट को फाइनल करने के लिए मंगलवार को NCRTC के साथ मीटिंग की। लगभग 61 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर छह स्टेशन होंगे। पूरे प्रोजेक्ट पर ₹15,000 करोड़ खर्च होंगे।
कहां से शुरू होगा रूट?
रूट गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होगा। दिल्ली से बावल तक चलने वाली नमो भारत एक्सप्रेस का भी यहां एक स्टेशन है। दोनों रूट यहां जुड़ेंगे। नमो भारत एक्सप्रेस फिर फरीदाबाद में ब्रिगेडियर उस्मान चौक, बाटा चौक और सेक्टर 85 से होते हुए नोएडा पहुंचेगी, जिसका एक स्टेशन सेक्टर 142 में प्रस्तावित है।
इसके बाद इसे सूरजपुर में गाजियाबाद-जेवर रूट से जोड़ा जाएगा। इस प्रस्तावित रूट से नोएडा-गुरुग्राम यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। दावा है कि यात्रा में 38 मिनट लगेंगे। एक बार दो अन्य नमो भारत रूट से जुड़ने के बाद, यात्री इसका इस्तेमाल NCR के किसी भी शहर में यात्रा करने के लिए कर सकेंगे।
सरकार ने इन शहरों को एक ऑर्बिटल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के ज़रिए जोड़ने का प्रस्ताव दिया है, जो NCR के 10 से ज़्यादा शहरों को जोड़ेगा। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पहले से ही चालू है, जो इस क्षेत्र के भविष्य के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क की एक झलक दिखाता है।
गाजीपुर-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर
एक और प्रस्तावित कॉरिडोर गाजीपुर-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर है, जो आने वाले जेवर एयरपोर्ट को सीधी कनेक्टिविटी देगा। इस कॉरिडोर को मंज़ूरी मिल गई है और इसके 72 किलोमीटर लंबा होने की उम्मीद है। यह गाजीपुर को ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर भी NCRTC की प्रायोरिटी लिस्ट का हिस्सा है, जिसका मकसद NCR के खास शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देना है। यह कॉरिडोर दिल्ली को पानीपत और करनाल से जोड़ेगा, जिससे इलाके में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का विज़न है कि इन कॉरिडोर को 2030 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि आने-जाने वालों को बेहतर और भरोसेमंद ट्रांसपोर्टेशन मिल सके। इन कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ इलाके की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वहां रहने वालों की ज़िंदगी की क्वालिटी भी बेहतर होगी। जेवर एयरपोर्ट मार्च 2026 में खुलने वाला है, इसलिए सरकार यह पक्का करने के लिए काम कर रही है कि कॉरिडोर समय पर पूरे हो जाएं, जिससे एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी मिल सके।