लाइव न्यूज़ :

नगारिक सुरक्षा स्वयंसेवक: अधिकारों के विनियमन की मांग वाली याचिका प्रतिवेदन के तौर ली जाए: अदालत

By भाषा | Updated: December 7, 2020 14:23 IST

Open in App

नयी दिल्ली, सात दिसम्बर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तैनात किए गए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सिविल डिफेंस वालंटियर) को दिए अधिकारों का विनियमन करने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों से सोमवार को कहा कि इसको (याचिका को) एक प्रतिवेदन के तौर पर देखा जाए।

याचिका में इन स्वयंसेवकों को पुलिस की जैसी वर्दी पहनने से रोकने की भी मांग की गई।

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की एक पीठ ने उनसे इस मामलों के तथ्यों पर लागू हो सकने वाले कानूनों, नियमों, विनियमों और सरकारी नीति के अनुसार याचिका पर फैसला करने को कहा।

अदालत ने कहा कि जितनी जल्दी हो सके व्यावहारिक रूप से इस पर फैसला किया जाए और वकील अमृता धवन की याचिका का निपटारा किया जाए।

धवन ने अपनी याचिका में दावा किया है कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक दिल्ली महामारी रोग (कोविड-19 का प्रबंधन) विनियम 2020 के तहत दिए गए ‘‘बेलगाम’’ अधिकारों का ‘‘गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

याचिका में कहा गया कि दिल्ली सरकार और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने स्वयंसेवकों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग किए जाने के बारे में जानते हुए भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जो कोविड-19 नियमों के उल्लंघन के लिए अभी तक 2.5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल चुके हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील अर्पित भार्गव से पूछा कि क्या किसी व्यक्ति को खाकी पहनने से रोकने का कोई नियम है, क्योंकि उसे पुलिस पहनती है।

भार्गव ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है लेकिन ऐसी गतिविधियों से पुलिस की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है, अगर आम नगारिक पुलिस जैसी खाकी पहन उनकी तरह व्यवहार करे।

पीठ ने कहा कि वह इस संबंध में सुनवाई नहीं करेगी लेकिन अगर इस तरह उल्लंघन करने का कोई वाकया सामने आए तो अदालत के संज्ञान में लाया जा सकता है।

उसने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अधिकारियों के समक्ष भी यह मुद्दा उठा सकती हैं।

इस पर भार्गव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा याचिका को एक प्रतिवेदन के तौर पर देखा जाए और अदालत ने भी यही निर्देश दिया।

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि वह दिल्ली सरकार और डीडीएमए को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरुष स्वयंसेवक उनकी तस्वीरें ना लें।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारसोने की कीमतें 3,007 रुपये बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जानें चांदी हाल

भारतमहाराष्ट्र लोक सेवा आयोग परिणाम: 624 अंक के साथ टॉप, सोलापुर के विजय नागनाथ लामका ने किया कारनामा?, 601 अंक लेकर आरती परमेश्वर जाधव ने महिला वर्ग में मारी बाजी?

भारतममता ने कहा- CRPF की 200 बटालियन आ रही, किचन से समान ले कर मारो?, अभिषेक कह रहे- भाजपा समर्थकों का हाथ-पैर तोड़ो, चुनाव आयोग के पास बीजेपी, वीडियो

कारोबार1500 करोड़ रुपए का नुकसान?, युद्ध विराम की घोषणा और लखनऊ में प्लास्टिक, साबुन, गत्ता, बेकरी, टेक्सटाइल उद्योग के मालिक और कर्मचारियों ने ली राहत की सांस

क्राइम अलर्टजमीन विवाद और कई बार जेल, भू-माफिया गंगदयाल यादव, बेटा समेत 4 अरेस्ट?, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के काफी करीबी?

भारत अधिक खबरें

भारतखरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग

भारतमप्र राज्यसभा चुनावः मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा में टक्कर?, कांग्रेस में एक अनार-सौ बीमार?, अपनों की रार में भाजपा न मार ले जाए तीसरी सीट!

भारतKashmir Tourism: कश्मीर में होमस्टे का बढ़ता चलन टूरिज्म में जान डाल रहा

भारतIran-US ceasefire: इरान और अमेरिका के बीच सीजफायर, कश्मीर और लद्दाख में लोग मना रहे जश्न; नेताओं ने दी प्रतिक्रिया