लाइव न्यूज़ :

धर्मांतरण विरोधी कानूनों के खिलाफ याचिकाओं में पक्षकार बनने के लिये मुस्लिम संगठन ने किया आवेदन

By भाषा | Updated: January 6, 2021 21:19 IST

Open in App

नयी दिल्ली, छह जनवरी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अंतर-धार्मिक विवाहों में धर्मांतरण को नियंत्रित करने संबंधी विवादास्पद कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं में पक्षकार बनने के लिये एक मुस्लिम संगठन ने उच्चतम न्यायालय में बुधवार को आवेदन दायर किया।

शीर्ष अदालत ने इन कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिन में दोनों राज्यों को नोटिस जारी किये थे, लेकिन उसने इनके प्रावधानों पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

अब जमीअत उलेमा-ए-हिन्द ने न्यायालय में एक आवेदन दायर कर इसमें पक्षकार बनने का अनुरोध किया है। इस आवेदन में कहा गया है कि कई अन्य राज्य भी इसी तरह का कानून बनाने की योजना तैयारी कर रहे हैं, जिन्हें असंवैधानिक घोषित करने की आवश्यकता है।

इस संगठन ने कहा है कि उप्र सरकार ने मुख्यमंत्री के उस बयान की पृष्ठभूमि में अध्यादेश जारी किया है जिसमें कहा गया था कि ‘लव जिहाद’ की घटनाओं पर अंकुश पाने के लिये सरकार एक कठोर कानून बनाने पर विचार कर रही है।

आवेदन के अनुसर मुख्यमंत्री के बयानों से स्पष्ट है कि यह अध्यादेश ‘लव जिहाद’ की घटनाओं पर अंकुश पाने के लिये लाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि ‘लव जिहाद’ शब्दों का इस्तेमाल अंतर-धार्मिक विवाहों के संदर्भ में किया गया है जिनमें मुस्लिम युवक ने जबरन या छल से विवाह किया है।

अधिवक्ता एजाज मकबूल के माध्यम से दायर इस आवेदन में कहा गया है कि यह संगठन इन परिस्थतियों में मुस्लिम युवकों, जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है, के मौलिक अधिकारों का मुद्दा उठाना चाहता है। आवेदन में अध्यादेश को असंवैधानिक बताते हुये कहा गया है कि इससे संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन होता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टDelhi: बेड बॉक्स में प्रेमिका की लाश, चाचा के साथ संबंध न बनाने पर प्रेमी ने की खौफनाक करतूत

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: एक क्लिक से जानें पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट, चेक करें अपने शहर के दाम

भारतAssembly Elections 2026: किसे मिलेगी सत्ता? असम, केरल और पुडुचेरी में जनता लिख रही है भविष्य; 4 मई को खुलेगा किस्मत का पिटारा

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

भारत अधिक खबरें

भारतराहुल सांकृत्यायन: घुमक्कड़ी ने जिन्हें महापंडित बनाया 

भारतAssembly elections 2026: केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीट पर वोटिंग?, जानिए कब होंगे मतगणना

भारतSummer Special Trains 2026: गर्मियों की छुट्टियों के लिए रेलवे चला रहा है स्पेशल ट्रेनें, जानें रूट और टाइमिंग

भारत21वीं सदी की विकास यात्राः आइए, मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करें?

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियमः 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 2029 के आम चुनाव में लागू?, लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी