मुंबई: ICU से जनरल वार्ड में शिफ्ट मरीज की आंख कुतरता रहा चूहा, अस्पताल ने दी सफाई
By कोमल बड़ोदेकर | Updated: April 28, 2018 22:57 IST2018-04-28T22:54:08+5:302018-04-28T22:57:20+5:30
मुंबई के सिविक-रन बाल ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में एक मरीज की आंख को चुहा कुतरता रहा और प्रशासन सोता रहा।

मुंबई: ICU से जनरल वार्ड में शिफ्ट मरीज की आंख कुतरता रहा चूहा, अस्पताल ने दी सफाई
मुंबई, 28 अप्रैल। देश के सरकारी अस्पतालों की बदतर व्यवस्था प्रशासन से छुपाए नहीं छिपी है। मुंबई के सिविक-रन बाल ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में एक मरीज की आंख को चुहे कुतर गए और प्रशासन सोता रहा। मरीज के पिता ने बताया कि उनके बेटे का इलाज सिविक-रन बाल ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में चल रहा था। उसे आईसीयू से दो दिन पहले ही जनलर वार्ड में शिफ्ट किया गया था। लेकिन रात में उसकी राइट आंख को चूहे ने कुतर दिया।
हांलाकि इस पूरे में मामले में अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए ऐसी किसी बात से साफ इनकार कर दिया है। वहीं पिता का आरोप है कि बेटे को आईसीयू से शिफ्ट करवाते से समय हमने जनरल वार्ड में चूहे देखें थे। उन्होंने कहा कि, हमने सुबह उसकी आंख के पास और आसपास खून देखा था।
Mumbai: Right eye of a comatose patient was allegedly nibbled by a rat at civic-run Bal Thackeray Trauma Care Hospital in Jogeshwari on 23rd April, when he was shifted to the general ward from ICU for two days. Hospital administrator denies the incident & alleges conspiracy pic.twitter.com/xRy4zOU0F1
— ANI (@ANI) April 28, 2018
मरीज के पिता ने बताया कि उनके बेटे का रोड एक्सीडेंट हो गया था जिसे दिमाग में ब्लड क्लोटिंग की शिकायत के बाद यहां अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन वह आईसीयू से जनरल वार्ड में रेफर किया गया था लेकिन चूहे ने उसकी आंख कुतर दी।
"We saw blood over his eye in the morning. We had seen rats in the general ward earlier but we didn't witness the incident. He was admitted in the hospital with a blood clot in the brain following a road accident," says the father of the comatose patient pic.twitter.com/r5OY8sH8rM
— ANI (@ANI) April 28, 2018
वहीं इन सबसे इतर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद मेडिकल व्यवस्था शुरू से ही सवालों के घेरे में है। पहले ऑक्सिजन की कमी के चलते मासूमों की मौत फिर एंबुलेंस न मिलने पर मरीज द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर कंधे पर लेकर घूमने की खबर तो आप पढ़ चुके होंगे। लेकिन ताजा मामला एंबुलेंस से मरीज नहीं बल्कि माल ढुलाई का है। जहां उत्तर प्रदेश के कन्नौज 108 एंबुलेंस का उपयोग ट्रांसपोर्ट वाहनों की तरह माल ढुलाई के लिए किया जा रहा है।