महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर ली शपथ, देवेंद्र फड़नवीस बने डिप्टी सीएम
By विनीत कुमार | Updated: June 30, 2022 20:31 IST2022-06-30T19:46:44+5:302022-06-30T20:31:44+5:30
बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने गुरुवार शाम बतौर मुख्यमंत्री शपथ ली। देवेंद्र फड़नवीस ने बतौर डिप्टी सीएम शपथ ग्रहण किया।

एकनाथ शिंद ने ली सीएम पद की शपथ (फोटो- एएनआई)
मुंबई: शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदेमहाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार शाम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं भाजपा नेता और पूर्व में महाराष्ट्र के सीएम रह चुके देवेंद्र फड़नवीस ने बतौर उप-मुख्यमंत्री शपथ ली।
शिंदे ने इस दौरान दिवंगत शिवसेना नेताओं-बाल ठाकरे और आनंद दिघे को भी श्रद्धांजलि दी। उनकी शपथ पूरी होते ही उनके समर्थकों ने ठाकरे और दिघे की प्रशंसा में नारे लगाए। शिंदे ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा, 'राज्य का विकास मेरी प्राथमिकता है। मैं समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलूंगा।'
इससे पहले गुरुवार शाम राज्यापाल मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद देवेंद्र फड़नवीस ने एकनाथ शिंदे को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कहकर चौंका दिया था। फड़नवीस ने ये भी कहा था कि वे कैबिनेट का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित ने ट्वीट कर बताया कि विशेष अनुरोध पर फड़नवीस कैबिनेट में शामिल होने के लिए मान गए हैं और वे उप-मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।
दरअसल, शिवसेना के कई विधायकों द्वारा बगावत का झंडा बुलंद करने के बाद उद्व ठाकरे ने बुधवार शाम सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अटकलें थी कि फड़नवीस बागी शिवसेना विधायकों के समर्थन से सीएम बनेंगे और शिंद डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे। हालांकि सबकुछ इसके उलट हुआ।
Mumbai: Eknath Shinde takes oath as the Chief Minister of Maharashtra pic.twitter.com/F7GpqxGozq
— ANI (@ANI) June 30, 2022
बता दें कि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ा दल है, जिसके 106 विधायक हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने सरकार बनाई थी और इस गठबंधन को महा विकास अघाड़ी नाम दिया गया। इस सरकार की मुश्किलें हाल में उस समय बढ़ गई जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कई शिवसेना विधायक बगावत पर उतर आए।
बहरहाल, भाजपा ने दावा किया है कि उसे शिंदे की अगुवाई वाले शिवसेना के बागी खेमे के विधायकों समेत कुल 170 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
फड़नवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। भाजपा नेता ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे ने उन दलों (कांग्रेस और राकांपा) के साथ गठबंधन किया, जिनके खिलाफ बाल ठाकरे पूरी जिंदगी लड़ते रहे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन ‘भ्रष्ट’ था और उसके दो मंत्री भ्रष्टाचार और धनशोधन मामले में जेल में हैं।
फड़नवीस ने साथ ही कहा कि शिवसेना विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि एमवीए के गठबंधन सहयोगी उन्हें नुकसान पहुंचा रहे थे। वहीं, एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए 50 विधायकों के समर्थन के साथ यह निर्णय (एमवीए सरकार से बगावत) लिया और इसमें उनका कोई निजी हित नहीं है।