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Yes Bank case: यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को 2 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में

By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 20, 2020 13:58 IST

विशेष अदालत ने धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर की प्रवर्तन निदेशालय को दी गयी हिरासत अवधि सोमवार को 20 मार्च तक के लिए बढ़ा दी थी।

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ठळक मुद्देनिजी क्षेत्र के बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ को ईडी ने आठ मार्च को धन शोधन निषेध कानून के तहत गिरफ्तार किया था। 62 वर्षीय कपूर को 11 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा गया था, फिर हिरासत की अवधि में विस्तार करते हुए उसे 16 मार्च तक कर लिया गया।

मुंबईः मुंबई की एक अदालत ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को 2 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

विशेष अदालत ने धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर की प्रवर्तन निदेशालय को दी गयी हिरासत अवधि सोमवार को 20 मार्च तक के लिए बढ़ा दी थी। निजी क्षेत्र के बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ को ईडी ने आठ मार्च को धन शोधन निषेध कानून के तहत गिरफ्तार किया क्योंकि वह कथित रूप से यस बैंक से जुड़े संकट की जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।

शुरुआत में 62 वर्षीय कपूर को 11 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा गया था, फिर हिरासत की अवधि में विस्तार करते हुए उसे 16 मार्च तक कर लिया गया। कपूर की हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश पी.पी. राजवैद्य के समक्ष पेश किया गया।

जांच एजेंसी के अनुरोध पर अदालत ने कपूर को 20 मार्च तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। इसबीच कपूर ने अदालत को बताया कि उसे आस्थमा और अवसाद की दिक्कत है। बैंकर ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ आपको बताना चाहता हूं कि मेरा परिवार इलाज मुहैया करा रहा है, लेकिन मैं नहीं जानता कि यह कब बिगड़ जाएगा।’’

यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर और उनकी पत्नी के खिलाफ धनशोधन का नया मामला दर्ज किया था। यह मामला एक रियल्टी कंपनी से कथित तौर पर 307 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने से जुड़ा है। उन्हें यह रिश्वत लुटियन दिल्ली में बाजार से आधी कीमत पर खरीदे गए एक बंगले के रूप में दी गयी। ईडी का आरोप है कि कपूर और उनके परिवार को रियल्टी कंपनी ने यह रिश्वत करीब 1,900 करोड़ रुपये का ऋण देने और उसकी वसूली में टालमटोल करने के लिए दी गई।

निदेशालय ने इस संबंध में सीबीआई की प्राथमिकी के आधार धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) रोकथाम कानून के तहत प्रवर्तन मामला दर्ज किया है। धनशोधन रोकथाम कानून के तहत यह उनके खिलाफ दूसरा मामला होगा। कपूर पहले से ईडी के आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं। यह मामला कुछ बड़ी कंपनियों को यस बैंक की ओर से कर्ज बांटने और उनकी वसूली में देरी करने के लिए उन्हें मिले निजी फायदों से जुड़ा है। इन लाभों को उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों के माध्यम से लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि ईडी के हाथ दिल्ली के लुटियन इलाके में अमृता शेरगिल मार्ग पर 40 नंबर के बंगले के मालिकाना हक, बिक्री और गिरवी रखे जाने से संबंधित वित्तीय दस्तावेज लगे हैं। रिजर्व बैंक के यस बैंक के कामकाज पर रोक लगाए जाने और खाताधारकों को महीने में सिर्फ 50,000 रुपये की निकासी की अनुमति दिए जाने के बाद ईडी ने कपूर के खिलाफ धनशोधन की जांच शुरू की थी। 

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