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मुल्लापेरियार बांध के द्वार खोले गए, इडुक्की जलाशय के लिए रेड अलर्ट जारी

By भाषा | Updated: October 29, 2021 15:59 IST

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इडुक्की (केरल), 29 अक्टूबर केरल में तमिलनाडु द्वारा संचालित मुल्लापेरियार बांध के द्वार शुक्रवार को सुबह खोल दिए। बांध में जल स्तर 138 फुट के पार चले जाने के बाद उसके द्वार खोले गए।

यहां केरल सरकार के अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों ने सुबह करीब साढ़े सात बजे 126 साल पुराने बांध के तीसरे और चौथे द्वार को 0.30 मीटर तक खोल दिया है। उन्होंने बताया कि सुबह से बांध के इन दो द्वारों से 538.16 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुल्लापेरियार बांध में सुबह नौ बजे जल स्तर 138.80 फुट था।

दोनों राज्यों के अधिकारियों के अलावा केरल के राजस्व मंत्री के. राजन और जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टिन बांध के द्वार खोले जाने के दौरान मौजूद थे। पत्रकारों से बातचीत में राजन ने कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। बहरहाल, उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया। सरकार ने भी सोशल मीडिया पर डर का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ आगाह किया है।

इस बीच, तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने चेन्नई में कहा कि राज्य लगातार सुरंग के माध्यम से वैगई बांध तक पानी खींच रहा है। सुरंग से अधिक से अधिक मात्रा में पानी खींचने के अलावा तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार सुबह दो द्वारों को खोलकर मुल्लापेरियार बांध से करीब 500 क्यूसेक तक पानी छोड़ने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि केरल प्राधिकारियों को नोटिस दे कर और सतर्क करने के बाद ऐसा किया गया है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘बांध सुरक्षित है और तमिलनाडु सरकार का जल संसाधन विभाग सावधानीपूर्वक इसका नियमन और संचालन करता है। इसके विरोधाभासी कोई भी खबर सही नहीं है और उसे नजरअंदाज किया जाए।’’

मुल्लापेरियार बांध के द्वार खोले जाने और डूब वाले इलाकों में अधिक बारिश के अनुमान के मद्देनजर सरकार ने इडुक्की जलाशय के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। ऑगस्टिन ने कहा कि इडुक्की जलाशय में मुल्लापेरियार बांध से छोड़े जा रहे पानी के भराव की पर्याप्त क्षमता है।

उन्होंने कहा कि चिंता करने और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इडुक्की में जल भराव क्षमता 70.5 टीएमसी है। मुल्लापेरियार बांध के डूब वाले इलाके में रह रहे लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, दो फुट तक बाढ़ का पानी आने से प्रभावित होने वाले 350 परिवारों के कुल 1,079 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

मुल्लापेरियार बांध का निर्माण केरल के इडुक्की जिले में पेरियार नदी पर 1895 में किया गया था और तमिलनाडु सरकार अपनी सिंचाई और बिजली उत्पादन की जरूरतों के लिए इसका संचालन करती है। केरल सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नया बांध बनाने पर जोर दे रहा है लेकिन तमिलनाडु इसके खिलाफ है और उसका कहना है कि मौजूदा बांध मजबूत है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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