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MP Taza Khabar: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सिंधिया पर दिया बयान, कहा-ऑफर किया गया था डिप्टी CM का पद, लेकिन...

By अनुराग आनंद | Updated: March 11, 2020 20:18 IST

ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है और कमलनाथ सरकार अल्पमत में बताई जा रही है।

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ठळक मुद्देदिग्विजय सिंह ने बुधवार (11 मार्च) को कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिन्होंने कल कांग्रेस छोड़ दी उन्हें बिल्कुल दरकिनार नहीं किया गया है।मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं।

भोपाल:कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है और कमलनाथ सरकार अल्पमत में बताई जा रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस पार्टी द्वारा साइडलाइन करने की बात कही जा रही है, जिसकी वजह से उन्होंने पार्टी से बाहर जाने का फैसला लिया। हालांकि इस तरह के आरोपों को लेकर कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने सफाई दी है। 

एनडीटीवी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश में उपमुख्यमंत्री के पद की पेशकश की गई लेकिन वह अपने नामित व्यक्ति को इस पद पर चाहते थे, कमलनाथ ने ‘चेला' स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सिंधिया राज्यसभा के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते थे लेकिन अति महत्वाकांक्षी नेता को ‘केवल मोदी-शाह' मंत्री पद दे सकते हैं।

दिग्विजय सिंह ने बुधवार (11 मार्च) को कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिन्होंने कल कांग्रेस छोड़ दी उन्हें बिल्कुल दरकिनार नहीं किया गया है। सिंह ने ट्विटर पर कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग में पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना कुछ भी नहीं हुआ।

एक समाचार चैनल की क्लिप को रिट्वीट करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, 'कोई सवाल पैदा ही नहीं होता, उन्हें बिल्कुल भी दरकिनार नहीं गया था। वास्तव में, मध्य प्रदेश के किसी भी कांग्रेस नेता से पूछें तो आपको पता चलेगा कि ग्वालियर-चंबल संभाग में विशेष रूप से पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना इस क्षेत्र में कुछ भी इधर से उधर नहीं हुआ। ये दुखद है, लेकिन मैं उन्हें मोदीशाह का संरक्षण मिलने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।' 

बता दें, बीते दिन मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में केवल 88 विधायक पहुंचे थे और 26 विधायक अता-पता नहीं चला। इन 26 विधायकों में से 22 विधायकों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी बीते दिन पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि कांग्रेस ने भी पार्टी के खिलाफ की जा रही गतिविधियों के चलते उन्हें निष्कासित कर दिया। बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया आज बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि उनके बीजेपी ज्वॉइन करने को लेकर कोई आधिकारिक समय या तारीख की घोषणा नहीं की गई है।  

मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश में कुल 228 विधायक हैं, जिनमें से 114 कांग्रेस, 107 बीजेपी, चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी एवं एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल हैं। कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन चारों निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ बसपा और सपा का समर्थन है।

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