लाइव न्यूज़ :

MP Ki Taja Khabar: लॉकडाउन के दौरान एम्बुलेंस सेवा से जुड़े डॉक्टर द्वारा बिना इलाज के छोड़ देने से श्रमिक की मौत

By भाषा | Updated: March 28, 2020 21:04 IST

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मृतक श्रमिक की पहचान ग्वालियर के रहने वाले शानू कुशवाहा (35) के रुप में हुई है।

Open in App
ठळक मुद्देलॉकडाउन के घोषणा के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होने लगी थी।लोगों ने इसकी सूचना एम्बुलेंस सेवा 108 को दी। सूचना के बाद एक डॉक्टर के साथ एक एम्बुलेंस वहां पहुंची।

दतियामध्यप्रदेश के दतिया जिले में लॉकडाउन के दौरान एम्बुलेंस सेवा से जुड़े डॉक्टर द्वारा एक बीमार श्रमिक को बिना इलाज के छोड़ देने से श्रमिक की मौत हो गई। यह जानकारी एक स्वास्थ्य अधिकारी ने शनिवार को दी।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मृतक श्रमिक की पहचान ग्वालियर के रहने वाले शानू कुशवाहा (35) के रुप में हुई है। लॉकडाउन के घोषणा के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होने लगी और कुछ लोगों ने उसे भगुवापुरा के बस स्टेंड पर छोड़ दिया।

लोगों ने इसकी सूचना एम्बुलेंस सेवा 108 को दी। सूचना के बाद एक डॉक्टर के साथ एक एम्बुलेंस वहां पहुंची। हालांकि चिकित्सक (नाम का खुलासा नहीं किया गया है) जांच के बाद बीमार श्रमिक को अस्पताल ले जाने के बजाय उसे वहीं छोड़ कर चले गए।

इसके बाद 26 मार्च को कुशवाह की वहीं बस स्टेंड पर मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ एस एन उदयपुरिया ने कुशवाहा की मौत के लिए डॉक्टर और एम्बुलेंस समन्वयक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए जिला कलेक्टर को इसकी रिपोर्ट सौंपी है।

उदयपुरिया ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि कुशवाहा गंभीर रुप से बीमार था और उसे गुर्दे और किडनी में समस्या थी। उन्होंने बताया कि इस वजह से दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।

सीएमएचओ ने कहा कि इस मामले में डाक्टर ने गंभीर लापरवाही की क्योंकि उन्हें बीमार व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। हम इस मामले में एम्बुलेंस के समन्वयक के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए सरकार को लिखेंगे क्योंकि एम्बुलेंस घटनास्थल पर आठ घंटे देर से पहुंची।

उन्होंने उन खबरों का खंडन किया कि जिसमें कहा गया था कि कुशवाहा की मौत भूख से हुई। उन्होंने साफ किया कि वह लंबे समय से बीमार था। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके परिवार को सौंप दिया गया है।

टॅग्स :कोरोना वायरस लॉकडाउनमध्य प्रदेशदतिया
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

कारोबार1 अप्रैल को झटका, मध्य प्रदेश में दूध महंगा, 2-4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा?

कारोबारविश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू, सीएम मोहन यादव बोले- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया