JEE 2022: 10वीं फेल वेल्डिंग का काम करने वाले के बेटे ने जेईई-मेन में हासिल किए 99.93 पर्सेंटाइल, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पिता ने पैसे उधार लेकर दिलाया था मोबाइल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: July 13, 2022 09:05 AM2022-07-13T09:05:08+5:302022-07-13T09:26:25+5:30

JEE 2022: जेईई-मेन 2022 में 99.93 प्रतिशत अंक लाने के बाद दीपक ने कहा, ‘‘जिन बच्चों के पास पढ़ाई की सारी सुविधाएं होती हैं, उनके पास करियर के विकल्प भी बहुत होते हैं। मेरे पास ऐसे कोई खास विकल्प नहीं थे। लेकिन मुझमें पढ़ाई का जुनून है।’’

mp indore labourer Deepak Prajapati scored 99.93 percentile marks jee main 2022 exam father borrow money mobile coaching | JEE 2022: 10वीं फेल वेल्डिंग का काम करने वाले के बेटे ने जेईई-मेन में हासिल किए 99.93 पर्सेंटाइल, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पिता ने पैसे उधार लेकर दिलाया था मोबाइल

JEE 2022: 10वीं फेल वेल्डिंग का काम करने वाले के बेटे ने जेईई-मेन में हासिल किए 99.93 पर्सेंटाइल, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पिता ने पैसे उधार लेकर दिलाया था मोबाइल

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Highlightsमजदूर के बेटे को जेईई-मेन 2022 में 99.93 प्रतिशत अंक मिले हैं।दीपक के पिता वेल्डिंग का काम करते है और पैसे उधार लेकर उसे पढ़ाते थे। ऐसे में दीपक आगे जाकर कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है।

JEE 2022: मध्यप्रदेश के देवास में वेल्डिंग का काम करने वाले एक व्यक्ति के बेटे ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन में 99.938 पर्सेंटाइल अंक हासिल कर अभावों में पढ़ने वाले नौनिहालों के सामने प्रेरक नजीर पेश की है। 

आपको बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन के परिणाम सोमवार को घोषित किए थे। इस परीक्षा में दीपक प्रजापति ने 99.938 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए है। इसके बाद दीपक ने इंदौर में मंगलवार को संवाददाताओं बात की और अपनी तैयारी को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। 

पिता है 10वीं फेल, मां नहीं जानती है जरा भी पढ़ना

बेहद सादे व्यक्तित्व वाले नौजवान ने बताया कि इंदौर के पास स्थित देवास में वेल्डिंग का काम करने वाले उनके पिता 10वीं फेल हैं और मां मामूली भी पढ़ी-लिखी नहीं हैं। इश पर बोलते हुए प्रजापति ने कहा, ‘‘जिन बच्चों के पास पढ़ाई की सारी सुविधाएं होती हैं, उनके पास करियर के विकल्प भी बहुत होते हैं। मेरे पास ऐसे कोई खास विकल्प नहीं थे। लेकिन मुझमें पढ़ाई का जुनून है।’’ 

बेटे की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पैसे उधार मांगकर खरीदा फोन

इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए दीपक ने बताया कि उसकी पढ़ाई के लिए उसके पिता ने भी बहुत कष्ट उठाया है। दीपक ने बताया कि कोविड में जब क्लासेस बन्द हो गई थी और पढ़ाई ऑनलाइन हो गई थी, तब उसके पिता ने उसके लिए एक मोबाइल खरीदी थी। 

उसने बताया कि उसके पिता के पास मोबाइल के पैसे नहीं थे, इस कारण उसके पिता ने पैसे उधार लेकर उसके लिए मोबाइल ली ताकि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। 

दीपक ने यह भी बताया कि उसके पिता के पास उसे कोचिंग में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं थे, फिर भी वह रिश्तेदारों से पैसे उधार मांगकर उसकी कोचिंग कराते थे। उसने यह भी कहा कि वह जहां रहता है, वहां केवल एक ही कमरा है और उसमें चार लोग रहते है। 

अब कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते है दीपक प्रजापति 

दीपक प्रजापति ने बताया कि उनकी 10वीं तक की पढ़ाई एक सरकारी स्कूल में हुई और वह 11वीं तथा 12वीं कक्षा निजी स्कूल से पास हुए है। प्रजापति ने कहा कि अब वह देश के किसी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना पूरा करना चाहते हैं, जो उन्होंने 10वीं में दाखिला लेने के बाद से देखना शुरू किया था। 
 

Web Title: mp indore labourer Deepak Prajapati scored 99.93 percentile marks jee main 2022 exam father borrow money mobile coaching

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