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मप्र: आईएएस अधिकारी ने तबादले पर बातचीत की ऑडियो साझा की, कारण बताओ नोटिस जारी

By भाषा | Updated: June 17, 2021 14:57 IST

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भोपाल, 17 जून मध्य प्रदेश में एक आईएएस अधिकारी द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के साथ अपनी बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ऑडियो में आईएएस अधिकारी ने अपने तबादले पर नाराजगी जताई थी।

गत 31 मई को बड़वानी जिले के अतिरिक्त कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को भोपाल स्थित राज्य शिक्षा केंद्र में मिशन निदेशक के तौर पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

जांगिड़ के अनुसार 54 महीनों में यह उनका नौवां तबादला है।

मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की मुख्य सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने बृहस्पतिवार को पीटीआई -भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘उन्हें (जांगिड़ को) बुधवार को नोटिस जारी किया गया है, जिसका उन्हें सात दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला मेरे साथ हुई बातचीत से संबंधित है। मेरा काम उन्हें (अधिकारियों को) फोन करके बताना है कि उनका तबादला कर दिया गया है, लेकिन उन्होंने बातचीत रिकार्ड कर ली, जो मेरी निजता पर हमला करने जैसा था...उनका कृत्य एक सरकारी अधिकारी के लिए अनुचित था।’’

जांगिड़ (35) ने कहा कि अपने तबादले को लेकर खुद की और मुखर्जी के बीच 30 सेकंड की रिकार्ड की गई बातचीत को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अपने चार सहयोगियों के साथ साझा किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ इस आडियों को मैंने अपने चार आईएएस सहयोगियों के साथ व्यक्तिगत बातचीत में साझा किया था। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा लिखित (तबादला) आदेश जारी किये जाने और विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद यह किया गया। जब उन्होंने मुझसे मेरे अचानक हुए तबादले का कारण पूछा तो मैंने इसे सद्भावना और व्यक्तिगत क्षमता के साथ यह साझा किया था... मैंने उन्हें बताया कि मुझे कारणों के बारे में सूचित नहीं किया गया। इसलिए, मैंने उन्हें आडियो रिकार्डिंग साझा की। मैंने यह आडियो रिकार्डिंग किसी भी समूह (ग्रुप) में साझा नहीं की ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन मुझे लगता है कि इसमें किसी भी आचरण संहिता का उल्लंघन होने का सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि जानकारी न तो गोपनीय प्रकृति की है और न ही व्यक्तिगत प्रकृति की। यह उनकी (मुखर्जी की) निजता का उल्लंघन नहीं करता है। यहां तक कि सूचना का अधिकार अधिनियम भी यह कहता है कि सरकारी अधिकारियों को उस जानकारी का खुलासा करना चाहिए जो सार्वजनिक रूप से उपब्लध होनी चाहिए।’’

आईएएस अधिकारी ने कहा कि यह आडियो 31 मई की थी। इसके लिए मुझे 17 दिन बाद कल नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि 54 महीनों में उनका नौ बार तबादला हुआ है।

जांगिड़ ने कहा कि 11 जून को उन्होंने प्रदेश सरकार से महाराष्ट्र में तीन साल के लिए अंतर कैडर प्रतिनियुक्ति देने के लिए पत्र लिखा था क्योंकि उनके 87 वर्षीय दादाजी मधुमेह और पार्किंसंस रोगों से पीड़ित हैं।

महाराष्ट्र के परभणी जिले से ताल्लुक रखने वाले 1994 बैच के आईएएस अधिकारी ने अपनी विधवा मां की भी देखभाल करने की जरूरत का भी जिक्र किया था।

उन्होंने कहा कि वह अपने समय अनुसार नोटिस का जवाब दे देंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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