पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर सीएम डॉ. यादव ने किया तत्काल अमल?, जो कहा-वो किया, काफिले में गिनी-चुनी गाड़ियां, देखें वायरल Video
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 13, 2026 15:16 IST2026-05-13T15:15:41+5:302026-05-13T15:16:32+5:30
हमारी सरकार मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। अब हमारे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे।

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भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के मद्देनजर अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या घटा दी है। अब उनके काफिले में महज 8 गाड़ियां चलेंगी। उनके फैसले के दूसरे दिन उनके कारकेड का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। इसमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि कारकेड में गाड़ियों की संख्या करीब-करीब आधी है।
गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध की चुनौतियों के बीच जनता से पेट्रोल बचाने के लिए गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की है। उनके अपील करते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तत्काल उस पर अमल किया।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। अब हमारे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे। इतना ही नहीं, किसी क्षेत्र के दौरान के दौरान वाहन रैली भी नहीं निकाली जाएगी।
काफिले में गाड़ियों की संख्या दिखी कम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी मंत्रियों से भी अपील की है कि वे भी यात्रा के समय कम के कम गाड़ियों का इस्तेमाल करें। सीएम डॉ. यादव ने जनता से भी अपील की है कि वे जितना हो सके उतना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
उनके फैसले ठीक एक दिन बाद सीएम डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने जो कहा उसकी बानगी दिखाई दी। उनके काफिले में गिनी-चुनी गाड़ियां ही दिखाई दीं। इस काफिले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की जनता से ये अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील है कि वे पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें। सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग का इस्तेमाल करें। एक साल तक सोना न खरीदें। ताकि, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके। जनता विदेशी ब्रांड की जगह स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करे।
संभव हो सके तो जनता वर्क फ्रॉम होम करे। जनता अगले एक साल तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचे। किसान रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं। खाने में जरूरत के अनुसार ही खाद्य तेल का उपयोग करें।