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सिंघू बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा से और किसान जुटे

By भाषा | Updated: January 31, 2021 21:50 IST

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नयी दिल्ली, 31 जनवरी दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर रविवार को और गहमागहमी रही जहां केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा से काफी संख्या में किसान एकजुट हुए। कुछ किसानों ने खराब इंटरनेट सेवा और पानी तथा भोजन मिलने में कठिनाइयों की भी शिकायतें कीं।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास जीटी करनाल रोड स्थित प्रदर्शन स्थल पर निगरानी भी बढ़ा दी जहां हाथों में डंडा लिए हुए काफी संख्या में वालंटियर चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को ‘स्थानीय’ लोगों के हिंसक प्रदर्शन के परिप्रेक्ष्य में वे ऐसा कदम उठा रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन, बीकेयू (दोआबा) के महासचिव सतनाम सिंह साहनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर शनिवार की शाम को सिंघू बॉर्डर पर पहुंचे।

साहनी ने कहा, ‘‘पंजाब के दोआबा क्षेत्र से एक हजार से अधिक किसान शनिवार की रात 250 गाड़ियों में यहां पहुंचे। साथ ही मोहाली (पंजाब) से 250 ट्रॉली और हरियाणा के अलग-अलग स्थानों से 300 ट्रॉलियों में हजारों लोग यहां पहुंचे।’’

उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए हजारों और किसान पहुंच रहे हैं।

साहनी ने कहा कि किसानों को पिछले कुछ दिनों से खराब इंटरनेट सेवा और पानी तथा भोजन की कमी सहित कई आपूर्तियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि प्रदर्शनस्थल की तरफ आने वाले मार्गों को पुलिस ने बंद कर रखा है।

संगरूर से आए किसानों के एक समूह ने कहा कि पहले हरियाणा एवं दिल्ली के आसपास के लोग जल एवं अन्य चीजों की आपूर्ति करते थे लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण अब वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।

नछत्तर सिंह ने कहा, ‘‘पुलिस के मार्ग बंद कर देने से हम परेशान नहीं होने वाले हैं। हमने कई हफ्ते के लिए भंडारण कर रखा है। नहाने एवं धोने के लिए पानी की कमी है लेकिन हम ठीक हैं और पानी हासिल करने के लिए अन्य स्रोतों का प्रबंध कर रहे हैं।’’

किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद इंटरनेट सेवा खराब हो गई है।

लुधियाना के सतबीर सिंह ने कहा, ‘‘आंदोलन की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान गया है लेकिन इंटरनेट के अभाव में हम देश एवं विदेश में लोगों को अद्यतन जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।’’

प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा राजमार्ग खाली करने की ‘स्थानीय लोगों’ की शुक्रवार की मांग के बाद प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

संयुक्त किसान मोर्चा के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘वे भाजपा के लोग थे जिन्हें सरकार ने हमें डराने के लिए भेजा था। अब हमने किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए व्यवस्थाएं कर ली हैं। अब ज्यादा संख्या में वालंटियर गश्त कर रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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