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'कोरोना टेस्टिंग पर देना है अधिक जोर', यहां पढ़ें पीएम मोदी ने कोरोना वायरस संकट पर मुख्यमंत्रियों से बातचीत की बड़ी बातें

By स्वाति सिंह | Updated: June 17, 2020 17:53 IST

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों से अर्थव्यवस्था को खोलने और उसी के साथ कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए बातचीत की थी। यह बैठक उस दिन हो रही है जब देश में सर्वाधिक 2,003 मरीजों की कोविड-19 से मौत हुई है।

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ठळक मुद्देPM मोदी ने कोरोना वायरस संकट पर दूसरे दिन 15 मुख्यमंत्रियों से बातचीत की इसमें महाराष्ट्र,दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की।

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'अनलॉक 1.0' के दौरान कोरोना वायरस को फैलने से रोकने पर राज्यों से विचार-विमर्श जारी रखते हुए बुधवार को 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री लगातार दूसरे दिन राज्यों से ऑनलाइन बातचीत की। इसमें महाराष्ट्र,दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की।

इस वार्ता का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि देश में कोरोना वायरस के अधिकतर मामले इन्हीं में से कुछ राज्यों से सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऑनलाइन हो रही बैठक में हिस्सा नहीं ले रही हैं क्योंकि उनका नाम वक्ताओं की सूची में कथित रूप से शामिल नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों से अर्थव्यवस्था को खोलने और उसी के साथ कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए बातचीत की थी। यह बैठक उस दिन हो रही है जब देश में सर्वाधिक 2,003 मरीजों की कोविड-19 से मौत हुई है।

इसके बाद मृतकों का आंकड़ा 11,903 हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 2,003 मौतों में से महाराष्ट्र के 1,409 लोगों की जान गई है, जिसके बाद राज्य में मृतकों की संख्या 5,537 हो गई है। वहीं दिल्ली में 437 मरीजों के दम तोड़ने के बाद मरने वालों की संख्या 1837 हो गई है।

मंगलवार को मोदी ने बैठक में भाग लेने वाले नेताओं को बताया था कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं और देश कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए बंद से उबर रहा है। उन्होंने जीवन और आजीविका दोनों पर ध्यान केंद्रित किए जाने के महत्व को भी रेखांकित किया। मोदी ने कहा था कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत के साथ ही जांच करने तथा पता लगाने पर जोर दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाने की जरूरत है।

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