लाइव न्यूज़ :

मुरादाबाद : कोविड-19 का टीका लगने के एक दिन बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत

By भाषा | Updated: January 18, 2021 16:46 IST

Open in App

मुरादाबाद/लखनऊ, 18 जनवरी कोरोना वायरस का टीका लगवाने के एक दिन बाद यहां 46 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शव परीक्षण रिपोर्ट में मौत का कारण ‘ह्रदय और फेफड़ों संबंधी रोग’ बताया गया है।

स्वास्थ्यकर्मी महिपाल के परिवार का आरोप है कि उनकी मौत टीकाकरण के कारण हुई तथा उन्हें बुखार एवं खासी के अलावा स्वास्थ्य संबंधी और कोई परेशानी नहीं थी।

मुरादाबाद के जिला मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने कहा कि उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, महिपाल मुरादाबाद के सरकारी दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में वार्ड ब्वॉय के रूप में काम करते थे। शनिवार को उन्हें कोरोना वायरस का टीका लगाया गया और रविवार रात उनकी मौत हो गई थी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी मिलिंद चंदर गर्ग ने कहा कि महिपाल की मौत का कारण ह्रदय रोग था।

उन्होंने कहा, ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उन्हें ह्रदय संबंधी परेशानी थी और खून के थक्के भी जमे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि महिपाल ह्रदय रोग से पीड़ित थे’’।

पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों ने किया। इसकी रिपोर्ट में लिखा है कि महिपाल को ‘‘कार्डियो-पल्मोनरी रोग था’’ और ‘‘कोरोना टीके से इसका कोई संबंध नहीं है।’’

गर्ग ने कहा कि जिन्हें भी टीका लगाया गया है उनमें से कुछ को सामान्य परेशानियां तो हो रही हैं लेकिन वैसी कोई दिक्कत नहीं हो रही जैसी कि महिपाल को हुई।

गर्ग ने कहा कि टीका लगवाने के बाद कुछ कर्मचारियों को बुखार आया लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के अन्य दुष्प्रभाव की रिपोर्टों को खारिज किया।

महिपाल के बेटे विशाल ने कहा कि उनके पिता को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी इसलिए उन्होंने उसे फोन करके अस्पताल में बुलाया।

विशाल ने कहा, ‘‘मेरे पिता को खांसी और कफ की समस्या थी लेकिन टीका लगने के बाद उन्हें बुखार आ गया तथा सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। रविवार को उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां रात को उनकी मौत हो गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता महामारी के दौरान भी अपनी ड्यूटी निभाते रहे लेकिन उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण नहीं हुआ।’’

हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों के दावों को खारिज करते हुए महिपाल के परिवार ने कहा कि उन्हें कभी भी ह्रदय संबंधी परेशानी नहीं हुई, बुखार और खांसी को छोड़कर वह पूरी तरह से स्वस्थ थे।

मुरादाबाद के जिला मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने कहा कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।

उन्होंने कहा, ‘‘महिपाल का मामला अलग है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेट3 मैच, 22 रन, 2 चौके, 1 छक्का और 19 गेंद?, टी20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन क्यों आईपीएल में हो रहे फेल?, सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात रखते हैं तो IPC की धारा 420 और 468 लगती है?

क्रिकेटगांगुली और रोहित क्लब में शामिल होंगे गायकवाड़, केवल 1 मैच दूर?, आईपीएल में भारतीय कप्तानों द्वारा लगातार हारे गए मैच?

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं