मनी लॉन्ड्रिंग केस: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 7 साल की सजा और 2 करोड़ रुपए का जुर्माना, जानें पूरा मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: April 23, 2020 13:45 IST2020-04-23T13:45:37+5:302020-04-23T13:45:37+5:30

25 फरवरी को सीबीआई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनोस एक्का और उनकी पत्नी को 7-7 साल की सजा भी सुनाई थी.

Money laundering case Former Jharkhand minister Enos Ekka sentenced to 7 years by court, know the whole case | मनी लॉन्ड्रिंग केस: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 7 साल की सजा और 2 करोड़ रुपए का जुर्माना, जानें पूरा मामला

मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सजा ..

Highlightsपूर्व मंत्री एनोस एक्का पर 20 करोड़ 31 लाख 77 हजार रुपये के मनी लांड्रिंग का आरोप है. कोर्ट ने उन्हें मार्च महीने में दोषी करार दिया था.

रांची:झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में ईडी कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने एक्का पर 2 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना संकट के बीच इस केस पर सुनवाई हुई. एक्का पर 20 करोड़ 30 लाख रुपए का मनी लॉन्ड्रिंग का केस ईडी ने दर्ज किया था. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उन्हें और एक साल की सजा काटनी होगी.

पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर 20 करोड़ 31 लाख 77 हजार रुपये के मनी लांड्रिंग का आरोप है. कोर्ट ने उन्हें मार्च महीने में दोषी करार दिया था. लॉकडाउन के कारण सजा में देरी हो रही थी, इसलिए जज ने आज उन्हें वीडियो कॉंन्फ्रेंसिंग के जरिये सजा सुनाई. एनोस एक्का पर वर्ष 2009 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ था. एनोस एक्का को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया. 

ईडी के विशेष लोक अभियोजक एसआर दास ने बताया कि एनोस एक्का को पीएमएलए की धारा 4 के तहत 7 साल की सजा सुनाई गई है. जुर्माना राशि नहीं देने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कैद की सजा भुगतनी होगी. कोर्ट ने ईडी मामले में एनोस एक्का की जब्‍त की गई संपत्ति का मालिकाना हक केंद्रीय सरकार को देने का भी निर्देश दिया है. 
ईडी के जज के साथ दोनों पक्षकार ने अपने-अपने आवास से ही ई-डिवाइस से बहस किया. एनोस एक्का आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप में सजायाफ्ता हैं और बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा होटवार में बंद हैं.

जानें पूरा घटनाक्रम

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 25 फरवरी को सीबीआई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनोस एक्का और उनकी पत्नी को 7-7 साल की सजा भी सुनाई थी. पूर्व मंत्री के साथ उनकी पत्नी मेनन एक्का और परिवार के पांच अन्य सदस्यों को भी सीबीआई के स्पेशल जज एके मिश्र की अदालत ने 7-7 की सजा और 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. 

एक्का और उनके परिजनों पर 16.82 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित करने का आरोप था. 26 सिंतबर 2019 को पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या केस में एनोस एक्का को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. जमानत के शर्त था कि वह कही भी झारखंड से बाहर नहीं जा सकते हैं. उम्र कैद की सजा मिलने के बाद एनोस एक्का की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी. नवंबर 2014 में पारा शिक्षक मनोज कुमार का अपहरण किया गया था.

अपहरण के बाद मनोज का शव मिला था. मृतक के परिजनों ने एक्का पर केस दर्ज कराया था. जिसके बाद पुलिस ने 26 नवंबर, 2014 की रात करीब डेढ बजे एनोस एक्का को उनके ठाकुरटोली आवास से गिरफ्तार किया था. एक्का 2005, 2009 और 2014 में कोलेबिरा से विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं.

Web Title: Money laundering case Former Jharkhand minister Enos Ekka sentenced to 7 years by court, know the whole case

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