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मोदी ने टीका लगा चुके लोगों को ‘‘बाहुबली’’ करार दिया

By भाषा | Updated: July 19, 2021 16:20 IST

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नयी दिल्ली, 19 जुलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 रोधी टीका लगा चुके लोगों को सोमवार को ‘‘बाहुबली’’ करार दिया और कहा कि अब तक चालीस करोड़ लोग टीकों की खुराक लेकर ‘‘बाहुबली’’ बन चुके हैं। प्रधानमंत्री के इस कथन को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने दिलचस्प टिप्पणियां करनी शुरू कर दी हैं।

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद भवन परिसर में पत्रकारों से चर्चा में प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि कोरोना रोधी टीका लगाने का यह सिलसिला आगे भी तेज गति से जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह टीका जो है बाहू पर लगता है और जब लग जाता है तो आप सब बाहुबली बन जाते हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए बाहुबली बनने का एक ही उपाय है कि आप अपनी बाहू पर टीका लगवा दीजिए। अब तक 40 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बाहुबली बन चुके हैं। आगे भी इस काम को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना ऐसी महामारी है जिसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है... पूरी मानव जाति को अपने चपेट में लिया हुआ है। इसलिए हम चाहते हैं कि संसद में भी इस महामारी के संबंध में सार्थक चर्चा हो। प्राथमिकता देते हुए इस पर चर्चा हो।’’

प्रधानमंत्री द्वारा टीकों को ‘‘बाहुबली’’ कहे जाने के बाद सोशल मीडिया मंचों पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी आरंभ कर दी। ‘‘बाहुबली’’ एक दक्षिण भारतीय फिल्म है जो बहुत लोकप्रिय हुई थी।

मोदी के वक्तवय को टैग करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘‘बात तो सही है- बाहुबली के दो भाग हैं। पहली और दूसरी खुराक।’’

एक अन्य यूजर ने दो भागों में बनी इस फिल्म के एक अन्य चरित्र ‘‘कटप्पा’’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कोरोना वायरस कटप्पा की तरह है और फिर पीछे से वार करता है। हम असल जिंदगी में लापरवाह नहीं हो सकते हैं क्योंकि वहां सिक्वेल नहीं होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कोरोना ऐसी महामारी है जिसने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है... पूरी मानव जाति को अपने चपेट में लिया हुआ है। इसलिए हम चाहते हैं कि संसद में भी इस महामारी के संबंध में सार्थक चर्चा हो। प्राथमिकता देते हुए इस पर चर्चा हो।’’

उन्होंने कहा कि सार्थक चर्चा से सांसदों के भी कई सारे सुझाव मिलेंगे और महामारी के खिलाफ लड़ाई में बहुत नयापन भी आ सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ कमियां रह गई हों तो उसमें भी सुधार किया जा सकता है। इस लड़ाई में सभी साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। मैंने सदन के सभी नेताओं से भी आग्रह किया है कि कल शाम को अगर वह समय निकालें तो महामारी के संबंध में सारी विस्तृत जानकारी उनको भी मैं देना चाहता हूं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के मुद्दे पर वह सभी मुख्यमंत्रियों और अन्य मंचों पर भी लोगों से चर्चा करते रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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