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मोदी ने सौंपा तीव्र गश्ती पोत, सेशेल्स में विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन

By भाषा | Updated: April 8, 2021 20:05 IST

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नयी दिल्ली, आठ अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक तीव्र गश्ती पोत सेशेल्‍स को सौंपा और इस द्वीप राष्ट्र में विभिन्‍न भारतीय परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से आयोजित समारोह में मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति वावेल रामकालावन ने संयुक्त रूप से राजधानी विक्टोरिया में मजिस्ट्रेट न्यायालय के नए भवन, एक मेगावाट की क्षमता वाले एक सौर ऊर्जा संयंत्र और सामुदायिक विकास की 10 प्रभावशाली परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच हिंद महासागर पड़ोस में एक मजबूत और अहम साझेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ‘सागर’ (सिक्यूरिटी एंड ग्रोथ फॉर आल इन द रीजन) की अवधारणा में सेशेल्स का एक केन्द्रीय स्थान है।’’

गश्ती पोत सेशेल्स के हवाले करने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता के समय भारत ने स्वदेश निर्मित कोविड-19 रोधी टीकों की 50,000 खुराक सेशेल्स को आपूर्ति की।

उन्होंने कहा, ‘‘सेशेल्स पहला अफ्रीकी देश है जिसे भारत ने कोविड-19 का टीका भेजा।’’

अपने संक्षिप्त संबोधन में मोदी ने जलवायु परिवर्तन का भी जिक्र किया और कहा कि यह द्वीप राष्ट्रों के लिए विशेष खतरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे खुशी है कि आज हम भारतीय सहायता से निर्मित एक मेगावाट क्षमता वाले एक सौर ऊर्जा संयंत्र सौंप रहे हैं।’’

रामकालावन ने अपने संबोधन में कहा कि उनका देश भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा करना चाहता है।

उन्होंने परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके को दोनों देशों के द्विपदक्षीय संबंधों की दिशा में अहम बताया।

एक सरकारी बयान के अनुसार मजिस्ट्रेट न्यायालय का नया भवन सेशेल्स में नागरिक आधारभूत संरचना से जुड़ी भारत की पहली बड़ी परियोजना है और इसका निर्माण अनुदान सहायता के माध्यम से किया गया है।

इसमें कहा गया कि यह मजिस्ट्रेट न्यायालय एक अत्याधुनिक भवन है जो सेशेल्स की न्यायिक प्रणाली की क्षमता को व्यापक रूप से बढ़ाएगा और सेशेल्स के लोगों को न्यायिक सेवाओं के बेहतर वितरण में सहायता प्रदान करेगा।

बयान के अनुसार 50–एम तीव्र गश्ती पोत (फास्ट पेट्रोल वेसल) एक आधुनिक एवं पूरी तरह से सुसज्जित नौसैनिक जहाज है। इस नौका को कोलकाता के मेसर्स जीआरएसई ने निर्मित किया है और इसे सेशेल्स को उसकी समुद्री निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय अनुदान सहायता के तहत उपहार में दिया गया।

इसमें कहा गया कि सेशेल्स के रोमेनविले द्वीप में स्थित एक मेगावाट की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र (ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्लांट) का निर्माण अनुदान सहायता के तहत भारत सरकार द्वारा सेशेल्स में कार्यान्वित किए जा रहे ‘सोलर पीवी डेमोक्रिटाइजेशन प्रोजेक्ट’के एक हिस्से के रूप में किया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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