मेघायल कोयला खदान हादसा: 16 मजदूरों की मौत, कई दबे, 1 घायल
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 5, 2026 19:45 IST2026-02-05T19:37:53+5:302026-02-05T19:45:26+5:30
विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद मजदूरों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है।

Meghalaya News
इंफालः मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक "अवैध" कोयला खदान में हुए विस्फोट में कम से कम 16 मजदूर मारे गए और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग ने कहा कि हमने अब तक 16 शव बरामद किए हैं। विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद मजदूरों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारी ने बताया कि बचाव दल तलाशी अभियान में लगे हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में सुबह के समय अवैध कोयला खनन के दौरान हुई।
East Jaintia Hills, Meghalaya | 16 people killed and one injured after an explosion at a rat-hole coal mine in the Thangsku area in East Jaintia Hills district. Several labourers were trapped inside the coal mine following an explosion. SDRF, police, local administration engaged…
— ANI (@ANI) February 5, 2026
Meghalaya CM Conrad Sangma tweets, "Profoundly saddened by the tragic coal mine incident in East Jaintia Hills. My deepest sympathies are with the families who have lost their loved ones in this unfortunate tragedy. The Government of Meghalaya has ordered a comprehensive inquiry… pic.twitter.com/6a0yYJDMkf
— ANI (@ANI) February 5, 2026
Three teams of the National Disaster Response Force (NDRF) have been moved to Meghalaya’s East Jaintia Hills district to carry out rescue operations after at least 16 people were killed and several labourers were feared trapped in an explosion at a suspected illegal coal mine in…
— ANI (@ANI) February 5, 2026
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने ट्वीट किया कि पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई कोयला खदान की दुखद घटना से मैं बेहद दुखी हूं। इस दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मेघालय सरकार ने घटना की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विस्फोट में घायल हुए एक व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे शिलांग के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या खदान अवैध रूप से चल रही थी, तो कुमार ने कहा, "हां, ऐसा लगता है।"
उन्होंने कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच की जाएगी। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने 2014 में मेघालय में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए, रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
साथ ही, इन तरीकों से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी गई थी। रैट-होल खनन में श्रमिकों द्वारा कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनकी ऊंचाई आमतौर पर 3-4 फीट होती है। इन क्षैतिज सुरंगों को अक्सर "रैट-होल" कहा जाता है, क्योंकि इनमें मुश्किल से एक व्यक्ति ही समा पाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में इस प्रतिबंध को बरकरार रखा और केवल वैज्ञानिक और विनियमित प्रक्रियाओं के तहत पर्यावरण सुरक्षा उपायों के साथ खनन की अनुमति दी।