ममता ने बंदरगाह बनाने में सहयोग नहीं किया, बंगाल से ऑटोमोबाइल कंपनी को भगाया : गडकरी
By भाषा | Updated: March 15, 2021 17:03 IST2021-03-15T17:03:20+5:302021-03-15T17:03:20+5:30

ममता ने बंदरगाह बनाने में सहयोग नहीं किया, बंगाल से ऑटोमोबाइल कंपनी को भगाया : गडकरी
इगरा (पश्चिम बंगाल), 15 मार्च केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को दावा किया कि तेजपुर में प्रस्तावित बंदरगाह को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार केंद्र का सहयोग नहीं कर रही है। साथ ही राज्य से एक ऑटोमोबाइल कंपनी को भगा रही है।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के इगरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिन दलों ने राज्य में शासन किया वे लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने में विफल रहे और गरीबी तथा बेरोजगारी नहीं दूर कर पाए।
गडकरी ने कहा, ‘‘परिवहन मंत्री के तौर पर मैंने नंदीग्राम में एक बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी को लाने का प्रयास किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने कंपनी को भगा दिया।’’
उन्होंने कहा कि जहाजरानी मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में उन्होंने जिले के तेजपुर में बंदरगाह बनाने की पहल की थी।
गडकरी ने आरोप लगाया, ‘‘अगर बंदरगाह बन गया होता तो हजारों युवकों को रोजगार मिलता। लेकिन हमें पश्चिम बंगाल सरकार से सहयोग नहीं मिला।’’
मंत्री ने कहा कि केंद्र ने सागरमाला परियोजना के तहत राज्य को 33 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया ताकि बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा सके, संपर्क मार्ग में सुधार लाया जा सके और बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास किए जा सकें।
गडकरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने कांग्रेस, माकपा और तृणमूल कांग्रेस को राज्य में शासन करने का मौका दिया लेकिन उनमें से सभी विफल रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘अब राज्य के लोगों ने बदलाव लाने और भाजपा को सत्ता सौंपने का निर्णय किया है। मुझे विश्वास है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में अगली सरकार बनाएगी।’’
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में विकास होगा क्योंकि यहां और केंद्र में भाजपा की सरकार होगी।
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