VIDEO: मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में ली विधायक पद की शपथ, देखें वायरल वीडियो
By संदीप दाहिमा | Updated: December 1, 2025 17:46 IST2025-12-01T17:45:24+5:302025-12-01T17:46:37+5:30
Maithili Thakur Oath: पहली बार निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक एवं चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने सोमवार को पीली साड़ी और पारंपरिक पाग धारण कर मैथिली भाषा में विधायक पद की शपथ ली।

VIDEO: मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में ली विधायक पद की शपथ, देखें वायरल वीडियो
Maithili Thakur Oath: पहली बार निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक एवं चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने सोमवार को पीली साड़ी और पारंपरिक पाग धारण कर मैथिली भाषा में विधायक पद की शपथ ली। अलीनगर से जीतकर सदन में पहुंचीं मैथिली ठाकुर बिहार की सबसे कम उम्र की विधायकों में शामिल हैं। शपथ ग्रहण के दौरान वह पारंपरिक परिधान पीली साड़ी और सिर पर पाग पहने नजर आईं, जिसने सदन का आकर्षण बढ़ा दिया। मैथिली भाषा में शपथ लेने के उनके निर्णय को सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। शपथ के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शपथ ग्रहण के दौरान पाग धारण करने से मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई।
बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर विधानसभा के पहले सत्र में मधुबनी पेंटिंग वाली पीली साड़ी और मैथिली परंपरा की पाग पहनकर पहुंचीं. शपथ से पहले उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है और जनता के विश्वास पर खरा उतरना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. सदन के… pic.twitter.com/vkBPaOX70u
— AajTak (@aajtak) December 1, 2025
मिथिला क्षेत्र में सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माने जाने वाला पाग उनके पारंपरिक वेश-भूषा का प्रमुख हिस्सा रहा। हालांकि, चुनाव के दौरान मैथिली ठाकुर का पाग पहनकर मखाना खाने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर मैथिली समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी। इससे पाग और मिथिला की सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर असंतोष सामने आया था। साथ ही, उनके प्रचार में आई उत्तर प्रदेश की एक विधायक द्वारा पाग को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी ने भी विवाद को बढ़ा दिया था। इन विवादों की पृष्ठभूमि में मैथिली ठाकुर का पारंपरिक परिधान में शपथ ग्रहण करना और भी महत्वपूर्ण हो गया। सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि पाग केवल एक परिधान नहीं, बल्कि मिथिला की अस्मिता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी विवाद को लोग भावनात्मक रूप से लेते हैं।