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महाराष्ट्र में सरकार बनने का रास्ता साफ! संजय राउत ने कहा- 23 नवंबर को राज्यपाल को सौंपी जाएगी चिट्ठी

By विनीत कुमार | Updated: November 21, 2019 13:37 IST

महाराष्ट्र में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है। इससे पहले बुधवार को भी शिवसेना के विधायक ने बताया था कि 22 नवंबर को शिवसेना विधायकों की बैठक बुलाई गई है।

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ठळक मुद्देसंजय राउत ने कहा, 23 नवंबर को कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना के विधायकों वाली चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी जाएगीमहाराष्ट्र में अभी राष्ट्रपति शासन, संजय राउत कह चुके हैं कि 1 दिसंबर तर सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी

महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सरकार बनने की तेज हुई सुगबुगाहट के बीच संजय राउत ने कहा है कि तीनों पार्टियों के विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी शनिवार को राज्यपाल को सौंपी जाएगी। संजय राउत के इस बयान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि तीनों पार्टियों के बीच महाराष्ट्र में सरकार बनानो के लेकर एक आम सहमति लगभग बन चुकी है। संजय राउत ने इससे पहले ये भी दावा किया कि 1 दिसंबर से पहले राज्य में सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाऐगी।

राज्यपाल से मिलेंगे तीन पार्टियों के प्रतिनिधि

एनडीटीवी के मुताबिक संजय राउत ने गुरुवार (21 नवंबर) को साफ कर दिया कि तीनों पार्टियों की ओर से एक चिट्ठी महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को 23 नवंबर को सौंपी जाएगी। राउत के अनुसार इस चिट्ठी में तीनों पार्टियों के विधायकों के हस्ताक्षर होंगे। संजय राउत ने साथ ही विश्वास जताया कि राज्य में सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे करें।

बता दें कि महाराष्ट्र में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है। इससे पहले बुधवार को भी शिवसेना के विधायक ने बताया था कि 22 नवंबर को शिवसेना विधायकों की बैठक बुलाई गई है। शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने बताया है कि सभी एमएलए को आईडी कार्ड साथ लाने के लिए कहा गया है। अब्दुल सत्तार के अनुसार सभी विधायकों को 5 दिनों के लिए कपड़े आदि भी साथ लाने को कहा गया है।

गौरतलब है कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के 24 अक्टूबर को घोषित चुनाव नतीजों में कोई भी पार्टी बहुमत के लिये जरूरी 145 सीटे हासिल नहीं कर पाई थी। बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली जबकि शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं।

बीजेपी और शिवसेना को गठबंधन के तौर पर बहुमत तो मिला लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान के चलते वे मिलकर सरकार नहीं बना पाईं। बीजेपी और शिवसेना के अलग-अलग रास्ते अख्तियार करने के बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के पास पहुंची।

टॅग्स :महाराष्ट्रसंजय राउतशिव सेनाराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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