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महाराष्ट्र ने सभी तरह की सभा पर रोक लगायी, मॉल एवं रेस्तरां के खुले रहने का समय सीमित किया

By भाषा | Updated: March 27, 2021 22:37 IST

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मुंबई, 27 मार्च कोरोना वायरस के मामलों में हाल में हुई बढ़ोतरी पर काबू करने के लिए जूझ रही महाराष्ट्र सरकार ने राजनीतिक और धार्मिक सहित सभी प्रकार की सभाओं के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध की शनिवार को घोषणा की।

एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि रेस्तरां, उद्यान और मॉल रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक बंद रहने चाहिए। आदेश में यह भी कहा गया है कि लोगों को रात 8 बजे से सुबह 7 बजे के दौरान समुद्र तटों पर जाने की अनुमति नहीं होगी, ड्रामा थिएटर भी शनिवार रात से बंद रहेंगे। ये आदेश शनिवार की मध्यरात्रि से लागू होंगे।

हालांकि, सरकार ने अपने नए दिशानिर्देशों में रात के समय खाने की डिलीवरी में छूट दी है।

आदेश में कहा गया है, ‘‘रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश 27 मार्च की मध्यरात्रि से लागू होगा। उल्लंघन करने पर प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘बगीचों और समुद्र तटों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों को इसी अवधि के दौरान बंद रखा जाएगा और उल्लंघनकर्ताओं पर प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा जबकि सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।’’

इसमें कहा गया है कि राज्य में सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक समारोहों के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

आदेश में कहा गया है कि प्रेक्षागृह या ड्रामा थिएटर को इस तरह के आयोजनों के लिए अपनी संपत्ति का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

कोविड​​-19 मामलों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को अधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत 28 मार्च से राज्य में रात में पांच या अधिक व्यक्तियों के एक जगह एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी थी यदि लोगों ने कोविड​​-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया तो कड़े प्रतिबंध लगाये जाएंगे।

शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, कोविड-19 रोगियों के दरवाजे पर 14 दिनों की अवधि के लिए एक बोर्ड लगाया जाएगा, जिसे उस दिन से गिना जाएगा जब मरीज घर में पृथकवास की अवधि शुरू करेगा।

नये निर्देशों के अनुसार यदि कोई रोगी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसे तुरंत संबंधित स्थानीय अधिकारियों द्वारा एक कोविड-19 देखभाल केंद्र में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

ये सभी आदेश 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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