उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 8 सांसदों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गुप्त बैठक?, शिवसेना के स्वामित्व और चिह्न पर 24 अप्रैल को फैसला?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 10, 2026 12:27 IST2026-04-10T12:25:04+5:302026-04-10T12:27:00+5:30
Maharashtra politics stir: बैठक में कथित तौर पर अरविंद सावंत, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, भाऊसाहेब वकचौरे और राजभाऊ वाजे के नाम शामिल हैं। धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर और एक अन्य सांसद वीडियो कॉल के जरिए बैठक में शामिल हुए थे।

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ठाणेः महाराष्ट्र में राजनीति हलचल तेज है। बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पावर का निर्विरोध चुना जाना तय है, क्योंकि कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी वापस ले लिया है। आज नई खबर आ रही है। खबरें सामने आई हैं कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शिवसेना के कुछ नेताओं के साथ गुप्त बैठक की, जिससे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है।
अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि शिंदे ने जिले में ठाकरे गुट के नौ में से आठ सांसदों के साथ गुप्त बैठक की। हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट के सभी सांसदों ने इन दावों का खंडन किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिंदे ने कथित तौर पर बुधवार (8 अप्रैल, 2026) की देर रात ठाकरे खेमे के सांसदों के साथ बैठक की।
शिवसेना पक्ष नाव आणि चिन्हाची सुनावणी २४ तारखेला असल्यामुळे माध्यमांकडून धादांत खोट्या बातम्या पेरल्या जात आहेत!
— Arvind Sawant (@AGSawant) April 10, 2026
मी स्वत: माझ्या सहकारी खासदारांसोबत बोललो आहे... बातम्या दिल्या त्यांनी हिंमत असेल तर फोटोसकट टाकुन दाखवाव्यात!
जगेन उद्धवजी बाळासाहेब ठाकरे ह्यांच्या शिवसेनेसोबत...… pic.twitter.com/MdS47kvp2r
बताया जा रहा है कि छह सांसद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे, जबकि दो वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़े। सांसद श्रीकांत शिंदे के भी बैठक में शामिल होने की खबर है। अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि सांसदों को शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल होने का अवसर दिया गया था।
बैठक में कथित तौर पर अरविंद सावंत, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, भाऊसाहेब वकचौरे और राजभाऊ वाजे के नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर और एक अन्य सांसद वीडियो कॉल के जरिए बैठक में शामिल हुए थे। अरविंद सावंत ने खबरों का खंडन किया।
दक्षिण मुंबई से शिवसेना के यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने इन खबरों का पुरजोर खंडन करते हुए मीडिया की आलोचना की। उन्होंने मीडिया को चुनौती दी कि वे बैठक में कथित तौर पर शामिल हुए लोगों की तस्वीरें प्रकाशित करें। अपनी वफादारी जताते हुए सावंत ने एक कागज पर लिखा कि वे उद्धव ठाकरे के साथ रहेंगे और उसे कैमरे पर दिखाया।
उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों का समय संदिग्ध है, क्योंकि 24 अप्रैल को अदालत में होने वाली सुनवाई में पार्टी के स्वामित्व और चिन्ह का फैसला होना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे गुट का मनोबल गिराने के लिए ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सावंत ने बताया कि उन्हें ओमराजे निंबालकर का फोन आया था, जिन्होंने ऐसी किसी भी बैठक में शामिल होने से इनकार किया।
खबरों के मुताबिक, निंबालकर ने इन खबरों पर नाराजगी जताई और कहा कि वे मानहानि का मुकदमा समेत कानूनी कार्रवाई करेंगे। खबरों को झूठा बताते हुए सावंत ने कहा कि सभी सांसद अपने काम के प्रति समर्पित और पार्टी के प्रति वफादार हैं।
उन्होंने दोहराया कि उनका एकनाथ शिंदे से कभी कोई संपर्क नहीं रहा और न ही उन्होंने किसी कार्यक्रम में उनके साथ मंच साझा किया है। सावंत ने कहा, “मैं वहां नहीं जाता जहां एकनाथ शिंदे होते हैं। मैं हमेशा उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ रहा हूं और रहूंगा।”