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महाराष्ट्र नंबर एक, 2018 में 10,349 किसानों ने की सुसाइड, कुल 1,34,516 लोगों ने आत्महत्या की: एनसीआरबी

By भाषा | Updated: January 9, 2020 20:26 IST

वर्ष 2018 में कुल 1,34,516 लोगों ने आत्महत्या की। देश में अपराध के आंकड़ों का संकलन कर विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के मुताबिक 2016 के मुकाबले 2018 में किसानों की खुदकुशी के मामलों में कमी आई है।

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ठळक मुद्देएनसीआरबी की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट में 2017 के आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या करने वाले किसानों में अधिकतर पुरुष हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले 10,349 लोगों ने आत्महत्या की। यह देश में इस अवधि में हुए खुदकुशी के मामलों का सात फीसदी है।

वर्ष 2018 में कुल 1,34,516 लोगों ने आत्महत्या की। देश में अपराध के आंकड़ों का संकलन कर विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के मुताबिक 2016 के मुकाबले 2018 में किसानों की खुदकुशी के मामलों में कमी आई है।

वर्ष 2016 में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की थी। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसानों, खेतिहर और कृषि मजदूरों की खुदकुशी के मामले शून्य रहे। एनसीआरबी के मुताबिक पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड, मेघालय, गोवा, चंडीगढ़, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी ऐसे राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश रहे जहां पर कृषि क्षेत्र में कार्यरत किसी भी व्यक्ति की खुदकुशी की घटना दर्ज नहीं की गई।

एनसीआरबी की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट में 2017 के आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या करने वाले किसानों में अधिकतर पुरुष हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘ वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र से जुड़े 10,349 लोगों ने खुदकुशी की। इनमें भी 5,763 किसान हैं जबकि शेष 4,586 खेतिहर मजदूर हैं। यह आंकड़ा देश में कुल आत्महत्या के मामलों का 7.7प्रतिशत है।’’ एनसीआरबी के अनुसार 2018 में आत्महत्या करने वाले 5,763 किसानों में 5,457 पुरुष और 306 महिलाएं हैं।

इसी प्रकार आत्महत्या करने वाले 4,586 खेतिहर मजदूरों में 4,071 पुरुष और 515 महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में कुल 1,34,516 लोगों ने खुदकुशी की जो 2017 के 1,29,887 आत्महत्या के मामलों के मुकाबले 3.6 प्रतिशत अधिक है।

आत्महत्या के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र (17,972) में दर्ज किए गए। दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमश: तमिलनाडु (13,896), पश्चिम बंगाल (13,255), मध्य प्रदेश (11,775) और कर्नाटक (11,561) है। इन पांच राज्यों में ही 50.9 फीसदी खुदकुशी के मामले दर्ज किए गए।

सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश जहां देश की 16.9 प्रतिशत आबादी रहती है, वहां कुल खुदकुशी में से केवल 3.6 प्रतिशत मामले ही दर्ज किए। केंद्रशासित प्रदेश के मामले में सबसे अधिक दिल्ली में 2,526 खुदकुशी के मामले दर्ज किए गए। 500 आत्महत्या के मामलों के साथ पुडुचेरी दूसरे स्थान पर रहा। 

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