महाराष्ट्र नगर निकायः 22 जनवरी को लॉटरी से फैसला?, महापौर का पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 19, 2026 19:55 IST2026-01-19T19:54:51+5:302026-01-19T19:55:47+5:30
Maharashtra Municipal Corporation: भाजपा ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कुल 227 सीटों में से 89 सीटों पर जीत हासिल की है और करीब 30 वर्षों के बाद ठाकरे परिवार से देश के सबसे अमीर नगर निकाय का नियंत्रण छीन लिया है।

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मुंबईः महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और 28 अन्य नगर निकायों के महापौरों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और महापौर पद किस श्रेणी में जाएगा इसका फैसला 22 जनवरी को लॉटरी के जरिए होगा। शहरी विकास विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा है कि यह काम लॉटरी के जरिये राज्य सचिवालय (मंत्रालय) में होगा। महाराष्ट्र में महापौरों का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षण के अधीन होता है। लॉटरी के माध्यम से यह निर्धारित किया जाता है कि महापौर का पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा, जैसे सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी श्रेणी। श्रेणी की घोषणा होने के बाद, पात्र उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करते हैं। इसके बाद, नगर निकायों के निर्वाचित पार्षदों की एक विशेष बैठक में चुनाव आयोजित किया जाता है।
सदन की कुल सदस्य संख्या के आधे से अधिक मत हासिल करने वाला उम्मीदवार महापौर निर्वाचित होता है। किसी भी एकल पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुंबई में, 15 जनवरी को हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
भाजपा ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कुल 227 सीटों में से 89 सीटों पर जीत हासिल की है और करीब 30 वर्षों के बाद ठाकरे परिवार से देश के सबसे अमीर नगर निकाय का नियंत्रण छीन लिया है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें हासिल की हैं। राज्य के 29 नगर निकायों में हाल में चुनाव हुए हैं।
बीएमसी चुनाव में सबसे अधिक सीट जीतने वाली भाजपा का महापौर बनना चाहिए: केंद्रीय मंत्री आठवले
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुंबई के महापौर का पद मिलना चाहिए क्योंकि हाल में हुए बीएमसी चुनाव में उसने सबसे अधिक सीट जीती हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष आठवले ने कहा कि विभिन्न दलों वाले गठबंधन में आम तौर पर सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी को महापौर का पद दिया जाता है।
उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा ने 227 सदस्यीय बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए हुए चुनाव में 89 सीट जीतीं जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 29 सीट पर जीत हासिल हुई। उन्होंने कहा, “यह भी तथ्य है कि शिवसेना के समर्थन के बिना भाजपा अपना महापौर नहीं बना सकती।
मुझे विश्वास है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे चर्चा के बाद मुद्दे को सुलझा लेंगे।” मुंबई के महापौर पद को लेकर अटकलें उस समय तेज हो गईं जब शिंदे ने अपने नवनिर्वाचित 29 पार्षदों को एक होटल में भेज दिया। इस बीच यह चर्चा भी है कि शिंदे चाहते हैं कि कम से कम पहले ढाई साल तक के लिए बीएमसी महापौर का पद उनकी पार्टी को मिले।