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महाराष्ट्र: एनसीपी चाहती है 'ढाई-ढाई साल' का सीएम पद, शिवसेना को समर्थन देने की शर्त!

By अभिषेक पाण्डेय | Updated: November 13, 2019 09:48 IST

NCP: महाराष्ट्र में सरकार गठन की चर्चा राष्ट्रपति शासन के बावजूद जारी है, एनसीपी शिवसेना को समर्थन के लिए चाहती है रोटेशनल सीएम पद

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ठळक मुद्देशिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ तलाश रही सरकार गठन की संभावनाएंएनसीपी शिवसेना को समर्थन देने की एवज में चाहती है ढाई साल का सीएम पद

महाराष्ट्र में मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बावजूद शिवसेना अब भी एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार के गठन के रास्ते तलाश रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीपी ऐसी किसी सरकार का हिस्सा बनने के लिए शिवसेना के साथ सीएम पद का ढाई-ढाई साल बंटवारा चाहती है। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी मुख्यमंत्री पद भी दावा करना चाहती है, जिसने इन चुनावों में शिवसेना का 56 सीटों से से महज दो सीटें ही कम जीती थीं। एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना को मिलाकर 154 सीटें होती हैं, जो आसानी से बहुमत के लिए जरूरी 145 के आंकड़े को पार कर जाती है। 

रोटेशनल सीएम पद की मांग को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच सहमति नहीं बन पाई और दोनों ने एकदूसरे से रास्ते जुदा कर लिए।

उद्धव ने कहा, 'हम कांग्रेस, एनसीपी के साथ मिलकर बना लेंगे सरकार'

वहीं मंगलवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ विचारधाराओं को लेकर मतभेद की वजह से अस्थाई सरकार के दावों को खारिज करते हुए कहा, 'हम भले ही अलग विचारधाराओं से हैं, लेकिन हम साथ आ सकते हैं।' 

उद्धव ने कहा, 'बीजेपी और शिवसेना सालों से साथ थे, लेकिन शिवसेना को कांग्रेस-एनसीपी के साथ जाना पड़ रहा है। हम इन दोनों के साथ ही आगे की बात करेंगे।'

सोमवार को शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच हुई कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपरीत विचारधारा वाली पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर जल्दबाजी न करने का फैसला किया। इसके बाद राज्यपाल ने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार गठन के लिए बुलाया, लेकिन एनसीपी द्वारा और समय मांगने पर उनका मौका भी हाथ से निकल गया।

उद्धव चाहते हैं सरकार गठन से पहले न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा

उद्धव ठाकरे पहले ही राज्यपाल द्वारा शिवसेना को अतिरिक्त समय न दिए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं। उद्धव ने साथ ही कहा कि वह एनसीपी और कांग्रेस के साथ आगे बढ़ने से पहले न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, 'हम चर्चा करेंगे, क्योंकि हम अलग विचारधारओं से हैं, इन चर्चाओं के आम सहमति तक पहुंचने में थोड़ा वक्त लग सकता है।' 

वहीं शरद पवार राज्य में राष्ट्रपति शासन के बावजूद परेशान नहीं दिखे और मंगलवार शाम को कांग्रेस के साथ जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं क्योंकि राज्यपाल ने हमें चर्चा और फैसले के लिए पर्याप्त समय दिया है।'

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि स्थिति की बेहतर तस्वीर जानने से पहले शिवसेना के साथ गठबंधन करना बुद्धिमानी भरी नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'पहले, हम बातचीत (पार्टी के अंदर) करेंगे। जब एक बार हमारे पास स्पष्टता होगी, तब हम शिवसेना से बात करेंगे।'

टॅग्स :राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीशिव सेनाउद्धव ठाकरेशरद पवारकांग्रेसमहाराष्ट्रमहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019
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