लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र सरकार ने बारिश संबंधी घटनाओं में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की

By भाषा | Updated: July 23, 2021 20:19 IST

Open in App

मुंबई, 23 जुलाई महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय मदद दिए जाने की शुक्रवार को घोषणा की।

मुख्यमंत्री कार्यालय से यहां जारी एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वित्तीय मदद की घोषणा के साथ ही लोगों की मौत पर दुख भी व्यक्त किया है।

बयान में कहा गया कि अस्पतालों में घायलों के उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में 42 और सतारा जिले में दो लोगों की मौत हुई है।

इससे पहले आज मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और कोंकण तथा पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे