लाइव न्यूज़ :

Maharashtra Floor Test: क्या अजित पवार अभी भी विधानसभा में NCP के नेता हैं?

By भाषा | Updated: November 26, 2019 12:19 IST

Maharashtra Floor Test: महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। कल (27 नवंबर) को शक्ति परीक्षण होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शक्ति परीक्षण में कोई गुप्त मतदान नहीं होगा।

Open in App
ठळक मुद्देभाजपा नेता बागड़े विधानसभा के पिछले कार्यकाल में 2014 से 19 तक सदन के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह अब भी विधानसभा के अध्यक्ष हैं, हालांकि किसी विधायक ने अब तक शपथ नहीं ली है।

बीते शनिवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले राकांपा नेता अजित पवार अभी भी पार्टी के विधायक दल के नेता हैं या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है और इस संबंध में विधानसभा अधिकारियों एवं संविधान विशेषज्ञों ने भी अलग अलग राय जाहिर की है ।

प्रदेश विधानसभा के प्रभारी सचिव राजेंद्र भागवत ने मंगलवार को बताया कि यह निर्णय करने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को है कि क्या जयंत पाटिल को राकांपा के विधायक दल का नया नेता माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘राकांपा से उनके नये नेता के बारे में हमें एक पत्र प्राप्त हुआ है लेकिन विधानसभा अध्यक्ष (हरिभाऊ बागडे) इस पर निर्णय करेंगे ।’’

विधान भवन के एक सूत्र ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने अबतक अजित पवार को हटा कर जयंत पाटिल को विधायक दल का नेता बनाये जाने के राकांपा के निर्णय को स्वीकार नहीं किया है। पिछले हफ्ते पार्टी से बगावत कर अजित पवार द्वारा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देने के बाद राकांपा ने उन्हें विधायक दल के नेता पद से हटा दिया था और इस पद के सभी अधिकार जयंत पाटिल को सौंप दिए थे।

भाजपा नेता बागड़े विधानसभा के पिछले कार्यकाल में 2014 से 19 तक सदन के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह अब भी विधानसभा के अध्यक्ष हैं, हालांकि किसी विधायक ने अब तक शपथ नहीं ली है। मुंबई भाजपा के पूर्व प्रमुख आशीष शेलार ने कहा कि नयी विधानसभा अभी शुरू नहीं हुई है इसलिए ‘‘अजित पवार राकांपा के विधायक दल के नेता हैं और सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का उनका निर्णय सर्वोच्च माना जाना चाहिए ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस पर कोई विवाद नहीं हो सकता है ।’’ हालांकि, संविधान विशेषज्ञ उल्हास बापट ने कहा कि अगर राकांपा ने अजीत पवार को हटा कर जयंत पाटिल को विधायक दल का नेता नियुक्त किया है तो पाटिल को ही विधानसभा में राकांपा विधायक दल का नेता समझा जाना चाहिए । बापट ने कहा कि यह सच है कि विधानसभा अध्यक्ष के पास विवेकाधीन शक्तियां हैं लेकिन वह (बागड़े) अजित पवार को हटा कर जयंत पाटिल को सदन में विधायक दल का नेता नियुक्त किए जाने के पार्टी के फैसले की अनदेखी नहीं कर सकते हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘जब संविधान तैयार किया जा रहा था, तो उसमें इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया कि पार्टी को एक व्यक्ति के हित से अधिक महत्वपूर्ण समझा जाना चाहिए । इसलिए, प्रदेश में भाजपा की सरकार को समर्थन दिये जाने के मामले में अगर राकांपा की राय अजित पवार से अलग है तो पार्टी का निर्णय सर्वोच्च होगा ।’’ 

टॅग्स :महाराष्ट्रअजित पवारशरद पवारमहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019
Open in App

संबंधित खबरें

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

क्राइम अलर्टखुले कुएं में गिरी कार, परिवार के 9 सदस्यों की गई जान, समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, वीडियो

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी