लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र: कांग्रेस सांसद ने सोनिया को शिवसेना के समर्थन किया लिखी चिट्ठी, उद्धव की पार्टी ने किया स्वागत

By भाषा | Updated: November 2, 2019 17:50 IST

शिवसेना ने यह पत्र लिखने वाले महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के रुख का स्वागत करने में कोई वक्त नहीं लगाया।

Open in App
ठळक मुद्देकांग्रेस सांसद ने बताया कि शिवसेना और भाजपा अलग हैं। शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिये प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना की राजनीति भाजपा की अतिवादी रुख के विपरीत सर्व समावेशी बन गई है। भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये हमें अवश्य ही शिवसेना का समर्थन करना चाहिए।

महाराष्ट्र में सत्ता में साझेदारी को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच कोई सहमति नहीं बनती दिख रही और ऐसे में कांग्रेस के एक नेता ने शनिवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि अगर शिवसेना अगली सरकार बनाने के लिये प्रस्ताव लेकर आती है तो उसका समर्थन किया जाए।

शिवसेना ने यह पत्र लिखने वाले महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के रुख का स्वागत करने में कोई वक्त नहीं लगाया। दलवई ने याद दिलाया कि शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिये कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल और बाद में प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था।

दलवई ने अपने पत्र को उद्धृत करते हुए संवाददाताओं को बताया, “शिवसेना और भाजपा अलग हैं। शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिये प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था। शिवसेना की राजनीति भाजपा की अतिवादी रुख के विपरीत सर्व समावेशी बन गई है। भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिये हमें अवश्य ही शिवसेना का समर्थन करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा वर्ग भाजपा के बजाय शिवसेना को तरजीह देगा। शिवसेना को समर्थन के मुद्दे पर कांग्रेस बंटी हुई दिख रही है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक मोर्चा (एनडीए) की शिवसेना संस्थापक सदस्य रही है।

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे, सुशील कुमार शिंदे और संजय निरुपम जैसे नेता शिवसेना का समर्थन किये जाने के विरोध में हैं। दलवई के पत्र के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा, “दलवई समाजवादी विचारधारा से आते हैं। वह प्रगतिशील मुसलमानों के परिवार से आते हैं। हम उनके रुख का स्वागत करते हैं। लेकिन, शिवसेना ने एक गठबंधन में यह चुनाव लड़ा था और हम अंत तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे।” महाराष्ट्र में हाल में हुए चुनावों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। भाजपा को इन चुनावों में 105 सीटें मिलीं जबकि शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की। प्रदेश की 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिये 145 विधायकों की जरूरत है।

टॅग्स :महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019महाराष्ट्रकांग्रेसउद्धव ठाकरेसोनिया गाँधीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं