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महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने खरीफ फसल की कटाई को लेकर की बैठक, राज्य में 18 जून को दस्तक देगा मॉनसून

By भाषा | Updated: May 21, 2020 17:49 IST

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 140.11 लाख हेक्टेयर में से 82 लाख हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन और कपास की फसल है, जिसे काटा जाना है। यह खरीफ की कुल फसल का 60 प्रतिशत हिस्सा है।

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 140.11 लाख हेक्टेयर में से 82 लाख हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन और कपास की फसल है, जिसे काटा जाना है। यह खरीफ की कुल फसल का 60 प्रतिशत हिस्सा है।

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मॉनसून से पहले बृहस्पतिवार को बैठक कर राज्य में खरीफ की फसल की कटाई की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र में 18 जून को मॉनसून के आगमन का अनुमान है और राज्य में 140.11 लाख हेक्टेयर जमीन पर खरीफ की फसल खड़ी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 140.11 लाख हेक्टेयर में से 82 लाख हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन और कपास की फसल है, जिसे काटा जाना है। यह खरीफ की कुल फसल का 60 प्रतिशत हिस्सा है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 9,68,550 क्विंटल फल और सब्जियों को सीधे ऑनलाइन बेचा गया। इसके लिये 3,212 केन्द्र बनाए गए थे। बयान में कहा गया है कि खरीफ के मौसम के लिए आवश्यक बीज की कुल मात्रा 17.01 लाख क्विंटल है, जिसमें से 54,000 मीट्रिक टन बीज किसानों को सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करके प्रदान किया जा रहा है।

बयान के अनुसार राज्य में उत्पादित कपास की मात्रा 410 लाख क्विंटल है, जिसमें से अब तक 344 लाख क्विंटल कपास की खरीद की जा चुकी है। शेष हिस्सा 20 जून तक खरीदा जाएगा। इसमें कहा गया है कि 163 कपास खरीद केंद्र चल रहे हैं और हर रोज 2 लाख क्विंटल की खरीद के निर्देश दिए गए हैं। बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार की महात्मा ज्योतिराव फुले कृषि कर्ज माफी योजना के तहत 32 लाख खाताधारकों में से 19 लाख खातों में 12,000 करोड़ रुपये की ऋण माफी राशि जमा की गई है।

अधिकारियों ने बैठक के दौरान कहा कि धन की कमी के कारण 11.12 लाख खातों में 8,100 करोड़ रुपये डाले जाने बाकी हैं। ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में कहा कि सरकार किसानों के फसल ऋण को लेकर आरबीआई का अनुसरण कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोविड-19 महामारी के समय में भी किसानों का अच्छी तरह ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान उच्च गुणवत्ता वाली फसल के उत्पादन पर होना चाहिये, जिसे भारी मात्रा में निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड -19 के चलते बहुत बदलाव आएंगे और कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ठाकरे ने कहा, ''हमारी सरकार जल्द ही छह महीने पूरे करने वाली है। हमने एक अच्छा बजट पेश किया। लेकिन, इसके तुरंत बाद हम कोरोना वायरस महामारी में फंस गए। देश की अर्थव्यवस्था इस वक्त खतरे में है।'' 

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