मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में 11.14% की रफ्तार: समावेशी विकास का नया अध्याय
By मुकेश मिश्रा | Updated: February 17, 2026 20:22 IST2026-02-17T20:22:14+5:302026-02-17T20:22:14+5:30
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के हवाले से कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी शासन और दूरदर्शी नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में 11.14% की रफ्तार: समावेशी विकास का नया अध्याय
इंदौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने समावेशी विकास के साथ तीव्र गतिशील अर्थव्यवस्था का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के हवाले से कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी शासन और दूरदर्शी नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
सर्वेक्षण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर 16,69,750 करोड़ रुपये पहुंचा, जो 2024-25 के 15,02,428 करोड़ से 11.14% अधिक है। स्थिर (2011-12) मूल्यों पर यह 7,81,911 करोड़ होकर 8.04% की वास्तविक वृद्धि दर्शाता है। प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर 38,497 से बढ़कर 1,69,050 रुपये तथा स्थिर मूल्यों पर 76,971 रुपये हो गई, जो जीवन स्तर में सुधार का संकेत है।
क्षेत्रीय योगदान में प्राथमिक क्षेत्र का हिस्सा प्रचलित मूल्यों पर 43.09% (6,79,817 करोड़, 7.31% वृद्धि), द्वितीयक 19.79% (3,12,350 करोड़, 9.93% वृद्धि) तथा तृतीयक 37.12% (5,85,588 करोड़, 15.80% वृद्धि) रहा। स्थिर मूल्यों पर तृतीयक क्षेत्र 40.28% के साथ प्रमुख है। प्राथमिक में फसलें 30.17%, द्वितीयक में निर्माण 9.22%, तृतीयक में व्यापार-होटल 10.35% का योगदान रहा।
वित्तीय मोर्चे पर 2,618 करोड़ का राजस्व अधिशेष, राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66%, कर राजस्व में 13.57% वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3% अनुमानित है। कृषि में खाद्यान्न उत्पादन 14.68% बढ़ा, उद्योग में 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित कर 1.17 लाख करोड़ निवेश से 1.7 लाख रोजगार सृजित होंगे। स्वास्थ्य में मातृ मृत्यु दर 142/लाख, शिक्षा में ड्रॉपआउट शून्य (कक्षा 1-5)। नगरीय विकास में अमृत 2.0 से 24,065 करोड़ आवंटन।
यह सर्वेक्षण मध्यप्रदेश को संतुलित विकास का मॉडल बनाता है, जहां ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्र फल-फूल रहे हैं।