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मध्य प्रदेश: काला कानून के विरोध में सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, दी ये चेतावनी

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: September 20, 2018 19:38 IST

 सवर्ण संगठनों द्वारा गुरुवार को राजधानी में जमकर प्रदर्शन किया गया। राजधानी में काला कानून विरोधी मोर्चा के नेतृत्व में सवर्ण संगठनों ने आज सुबह हबीबगंज नाका स्थित गणेश मंदिर से रैली की शुरुआत की।

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राजेंद्र पराशरभोपाल, 20 सितंबर: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में गुरुवार को सवर्ण समाज सड़कों पर उतरा। सवर्ण समाज के संगठनों ने रैली निकाली और भाजपा कार्यालय के समझ प्रदर्शन किया। इस दौरान चेतावनी भी दी कि अगर काला कानून वापस नहीं लिया तो विरोध और तेज कर दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट को लेकर उठा विरोध धमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में इसका शुरुआति तौर पर खासा प्रभाव था, मगर अब राजधानी भोपाल सवर्ण वर्ग के संगठनों का केन्द्र बन गया है।

 सवर्ण संगठनों द्वारा आज राजधानी में जमकर प्रदर्शन किया गया। राजधानी में काला कानून विरोधी मोर्चा के नेतृत्व में सवर्ण संगठनों ने आज सुबह हबीबगंज नाका स्थित गणेश मंदिर से रैली की शुरुआत की।

मोर्चा के संयोजक रघुनंदन शर्मा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पुष्पेंद्र मिश्रा क्षत्रिय महासभा, करणी सेना, राजपूत समाज समेत कई संगठन प्रदर्शन में शामिल थे। जब रैली के रुप में जब सवर्ण समाज के लोग भाजपा कार्यालय के सामने पहुंचे तो यहां पर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। 

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को दो महीने का समय दिया गया है। लोगों ने कहा कि हमारा विरोध किसी एक पार्टी के विरोध में नहीं है। 

हम इस कानून को बनाने वालों के खिलाफ हैं। संसद में नेताओं ने इसे अपने फायदे के लिए पारित कर दिया। इस दौरान रैली निकालने की भी तैयारी रही हैं मध्यप्रदेश में हर दिन एसटी-एससी एक्ट को लेकर किसी न किसी जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। 

ये सभी मांग कर रहे हैं कि एट्रोसिटी एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लिया जाए।

विधानसभा का बुलाएं विशेष सत्र

काला कानून मोर्चा के अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट मध्यप्रदेश में हम लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एक्ट को लेकर प्रदेश सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर यह संकल्प पारित करना होगा कि हम इस एक्ट को मध्यप्रदेश में लागू नहीं करेंगे। 

उन्होंने कहा कि हमारा विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, हमारा विरोध तो यह कानून बनाने वालों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संसद में बैठें सांसदों ने इस कानून को अपने हित के लिए पास करा दिया। 

उन्होंने कहा कि समाज में गंदे नेता जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं और समाजों के बीच खाई बना रहा है।

मंत्री निवास के सामने पुलिस ने भांजी लाठियां

एट्रोसिटी एक्ट का विरोध करने वाले सवर्ण संगठन के लोग जब आज दोपहर को मंत्री रामपाल सिंह और मंत्री गोपाल भार्गव के निवास पर घेराव करने पहुंचे तो यहां पर पुलिस बल के साथ बहस हो गई। 

मंत्री रामपाल के निवास पर तो बहस इतनी बढ़ी की इन पर पुलिस को लाठियां तक भांजनी पड़ी। पुलिस ने जमकल लाठिंया चलाई जिससे माहौल और बिगड़ गया। सवर्ण समाज के लोगों ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। 

मंत्रियों के अलावा सवर्ण समाज के लोगों ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया।

 

( राजेंद्र पराशर लोकमत समाचार में संवादाता है )

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