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मध्य प्रदेश : उज्जैन में रेमडेसिवर इन्जेक्शन की कालाबाजारी करने वाले एक गिरोह के आठ लोग गिरफ्तार

By भाषा | Updated: April 25, 2021 22:44 IST

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उज्जैन (मप्र), 25 अप्रैल उज्जैन के एक निजी अस्पताल में रेमडेसिवर इन्जेक्शन का कथित रूप से कालाबाजारी करने के मामले में पुलिस ने रविवार को एक गिरोह के आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

कोरोना वायरस के मरीजों के लिए यह इंजेक्शन कारगर है और आरोपियों द्वारा ऐसा कर अस्पताल में भर्ती कोविड-19 मरीजों के जीवन को संकट में डाला जा रहा है। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (उज्जैन शहर) अमरेन्द्र सिंह ने बताया, ‘‘गिरफ्तार किये गये इन आठ आरोपियों में से तीन आरोपी देशमुख अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर उज्जैन में कार्यरत कर्मचारी हैं और शेष पांच सदस्य आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के पासआउट एवं अध्ययनरत कर्मचारी हैं।’’

उन्होंने कहा कि देशमुख अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के तीन कर्मचारी कोविड-19 महामारी में मरीज को लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन को उसे ना लगाते हुए ऊंचे दाम पर बेचकर कालाबाजारी कर रहे थे, जिससे मरीजों के जीवन के लिए संकट उत्पन्न हो रहा है।

सिंह ने बताया कि आरोपीयों के कब्जे से तीन रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं दो अन्य एन्टीबायोटिक इंजेक्शन एवं घटना में प्रयुक्त एक एक्टिवा बरामद हुई है।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों में लोकेश आंजना (22), प्रियेश चौहान (21), भानु प्रताप सिंह (19), सरफराज शाह (22), वैभव पांचाल (19), हरीओम आंजना (19), कुलदीप चौहान (22) एवं राजेश नरवरिया (25) शामिल हैं।

सिंह ने बताया कि रविवार को थाना चिमनगंज एवं सायबर प्रभारी एवं उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के एलाउंस सिटी के सामने आगर रोड उज्जैन पर तीन लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन को ऊँचे दामों पर बेचने के लिए ग्राहकों/ जरुरतमंदो को तलाश रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों--लोकेश, प्रियेश, भानु प्रताप के कब्जे से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन अवैध रुप से ऊँचे दामों में बेचते हुए पाए जाने पर तीनों आरोपीयों को गिरफ्तार किया गया।

सिंह ने बताया कि इन तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रेमडेसिविर इंजेक्शन वैभव एवं हरिओम से खरीदा है। इसके बाद इन दोनों की तलाशी की गई और उनके कब्जे से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं एंटबायोटिक इंजेक्शन मिला, जिसे जब्त किया गया।

उन्होंने कहा कि पूछताछ में वैभव एवं हरिओम ने बताया कि उन्होंने देशमुख अस्पताल के पृथक-वास वार्ड में काम करने वाले तीन साथियों सरफराज, कुलदीप, राजेश से ये इंजेक्शन खरीदे हैं।

सिंह ने बताया कि इसके बाद सरफराज, कुलदीप, राजेश से पूछताछ की गई और उनके कब्जे से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं एक एंटीबायोटिक इंजेक्शन जब्त किया गया।

उन्होंने कहा कि सरफराज, कुलदीप एवं राजेश ने पुलिस को बताया कि जो मरीज अस्पताल में भर्ती रहते है उनको रेमडेसिविर इंजेक्शन न लगाते हुए वे इसे बचा कर ऊँचे दामों में बेचते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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