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ठंडी रोटियां परोसने का मामला: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिया ठंडा खाना, अधिकारी सस्पेंड, फिर बहाल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 26, 2020 14:37 IST

अधिकारी ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री चौहान ने उनके इंदौर भ्रमण के संदर्भ में निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। निर्देशों के पालन के क्रम में कलेक्टर मनीष सिंह ने निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है।’’

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है। मुख्यमंत्री जब कहीं दौरे पर आते हैं तो उनके स्टाफ सहित कई व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अंतर्गत की जाती है। बुधवार को चूक हुई, एक तो भोजन विलंब से पहुंचा और फिर जब पहुंचा तो उसकी क्वॉलिटी खराब थी।

भोपाल/इंदौरः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर भ्रमण के दौरान उन्हें खाने में ठंडी रोटियां परोसे जाने के आरोप में निलंबित किए गये खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करने के निर्देश इंदौर जिला प्रशासन को दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है। मध्य प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री चौहान ने उनके इंदौर भ्रमण के संदर्भ में निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। निर्देशों के पालन के क्रम में कलेक्टर मनीष सिंह ने निलंबित किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है।’’

चौहान ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया कि उन्हें इंदौर प्रवास के दौरान उपलब्ध कराए गए खाने में रोटियां ठंडी होने के कारण संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पदीय कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए निलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक साधारण इंसान हैं। उन्हें सूखी रोटियां खाने में भी कोई गुरेज़ नहीं है। ऐसे में केवल उनके खाने के कारण किसी अधिकारी पर कार्रवाई हो यह उन्हें उचित नहीं लगता।

बुधवार को चूक हुई, एक तो भोजन विलंब से पहुंचा

दरअसल, मुख्यमंत्री जब कहीं दौरे पर आते हैं तो उनके स्टाफ सहित कई व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था प्रोटोकॉल के अंतर्गत की जाती है। इसमें बुधवार को चूक हुई, एक तो भोजन विलंब से पहुंचा और फिर जब पहुंचा तो उसकी क्वॉलिटी खराब थी।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के द्वारा कार्रवाई की गई है लेकिन अधिकारी इसे बस प्रोटोकॉल तोड़ने की बात कह रहे हैं। कलेक्टर ने कहा प्रोटोकॉल के तहत सीएम के लिए जिस क्वाॉलिटी का खाना होना चाहिए था, उसमें चूक की गई, खाना पैक करते समय पूरे प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 23 सितम्बर को इंदौर आए थे। इंदौर दौरे के दौरान उनके खाने में हुई चूक खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षक मनीष स्वामी को महंगी पड़ गई। सीएम के प्रोटोकॉल में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बाद में मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बहाल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं. निर्देशों के पालन के क्रम में कलेक्टर मनीष सिंह ने सस्पेंड किए गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी को बहाल कर दिया है।

चौहान ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि उसे तुरंत बहाल किया जाए

अधिकारियों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निलंबन की जानकारी मिलने पर चौहान ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि उसे तुरंत बहाल किया जाए। मुख्यमंत्री के हवाले से जारी सरकारी बयान में कहा गया कि उनके संज्ञान में आया कि उन्हें इंदौर प्रवास के दौरान उपलब्ध कराए गए खाने में शामिल रोटियां ठंडी हो जाने को एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदीय कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। चौहान ने कहा, "वह एक साधारण इंसान हैं और उन्हें सूखी रोटियां खाने में भी कोई गुरेज नहीं है।"

उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें उचित नहीं लगता कि उनके भोजन के कारण किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि चौहान बुधवार रात इंदौर आए थे और स्थानीय कार्यक्रम के तुरंत बाद भोपाल लौट गए थे। मुख्यमंत्री के लिए पैक कराए गए भोजन में जो रोटियां थीं वे उनके कार्यक्रम में देरी के कारण ठंडी हो गयी थीं। मुख्यमंत्री के भोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जिम्मा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के पास था।

उन्होंने बताया कि ठंडी रोटियों की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी मनीष सिंह ने "दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही" के आरोप में स्वामी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

लोगों ने सोशल मीडिया पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निलंबन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि राज्य सरकार "वीआईपी संस्कृति" को बढ़ावा दे रही है। इस बीच,खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वामी ने कहा कि वह उनके मामले में मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के लिए उनके आभारी हैं।

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