Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस विधायक अरविंद लदानी ने बुधवार को गुजरात विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और अब वह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। गत तीन महीने में वह कांग्रेस के चौथे विधायक हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है। जूनागढ़ जिले के मनवदर से पहली बार विधायक चुने गए लदानी ने विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को उनके गांधीनगर स्थित आधिकारिक आवास पर सौंपा। विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय के मुताबिक चौधरी ने लदानी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। लदानी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए जवाहर चावडा को 2022 के विधानसभा चुनाव में 3,400 मतों से हराया था। लदानी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह भाजपा में शामिल होंगे।
लदानी से पहले कांग्रेस के तीन विधायकों चिराग पटेल, सी जे चावडा और वरिष्ठ नेता अर्जुन मोधवाडिया ने भी विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। अरविंद लदानी के इस्तीफे से 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या घटकर 13 रह गई है।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता तापस रॉय भाजपा में हुए शामिल
तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के दो दिन बाद पूर्व विधायक तापस रॉय बुधवार को भाजपा में शामिल हो गये। रॉय ने तृणमूल नेतृत्व से मोहभंग होने का जिक्र करते हुए सोमवार को पार्टी और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रॉय का स्वागत करते हुए पार्टी का ध्वज उन्हें सौंपा।
इसके बाद रॉय ने कहा,‘‘ मैं आज भाजपा में शामिल हो गया क्योंकि मैं तृणमूल कांग्रेस के कुशासन और अत्याचार के खिलाफ लड़ना चाहता हूं।’’ हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि रॉय ने व्यक्तिगत फायदे के लालच में अपने सिद्धांतों और विचारधारा को तिलांजलि दे दी है। तृणमूल नेता शांतनु सेन ने कहा, ‘‘ बंगाल के लोग तापस रॉय जैसे गद्दारों को कभी माफ नहीं करेंगे जो निहित स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ देते हैं।’’
पांच बार के विधायक रॉय ने तृणमूल कांग्रेस और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी पर ‘कठिन परिस्थितियों के दौरान उनका साथ छोड़ देने’ का आरोप लगाया था। रॉय ने निगम भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर 12 जनवरी को ईडी द्वारा उनके घर पर की गयी छापेमारी के दौरान तृणमूल के चुप्पी साध लेने पर गहरी निराशा प्रकट की थी।